ईरानी सेना का दावाः अपने ही जाल में फंस चुका अमेरिका, अब असंभव ऑपरेशन या खराब डील ही विकल्प !
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 03:06 PM (IST)
International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी और रणनीतिक चालें तेज होती जा रही हैं। एक तरफ सैन्य मिशन, दूसरी ओर कूटनीतिक बातचीत जारी है। ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि मौजूदा हालात में अमेरिका के पास बहुत सीमित विकल्प बचे हैं। IRGC का कहना है कि अमेरिका को अब “असंभव सैन्य ऑपरेशन” और “खराब समझौते” के बीच चुनाव करना पड़ सकता है। IRGC ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रूस, चीन और यूरोप जैसे बड़े देशों का रुख बदल रहा है, जिससे अमेरिका का वैश्विक समर्थन कमजोर पड़ रहा है। इस वजह से वॉशिंगटन पर दबाव बढ़ गया है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” शुरू किया है। इस मिशन के तहत होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन में “escort” (सुरक्षा देकर साथ ले जाना) की बजाय “guide” (मार्गदर्शन देना) शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिका सीधे टकराव से बचना चाहता है। इसी बीच, NATO के महासचिव मार्क रुटे (Mark Rutte) ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने अमेरिका का संदेश समझ लिया है और अब सैन्य समझौतों को लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। इस बीच एक और अहम घटनाक्रम में, अमेरिका ने जब्त किए गए ईरानी कंटेनर जहाज तोस्का MV Touska से 22 क्रू मेंबर्स को निकालकर पाकिस्तान भेज दिया है। इस जहाज को पिछले महीने ओमान की खाड़ी में पकड़ा गया था, जिसे ईरान ने “समुद्री डकैती” बताया था।
