ट्रंप का अपनी टीम को सख्त आदेशः जल्द निपटाओ ईरान वॉर, मेरे पास और भी बहुत से काम
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 07:28 PM (IST)
Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने अपने सहयोगियों को साफ संदेश दिया है कि इस संघर्ष को लंबा नहीं खींचा जाएगा और अगले 4 से 6 हफ्तों में इसे खत्म करने की कोशिश की जाए। ट्रंप का कहना है कि ईरान के वार्ताकार बातचीत से इसलिए इंकार कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि 'उनके अपने लोग ही उन्हें मार डालेंगे'। ट्रंप ने अपनी टीम को कहा कि ईरान वॉर जल्द निपटाओं क्योंकि मेरे पास और भी बहुत से काम हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप का मानना है कि युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है और इसे जल्द समाप्त कर वह अपने घरेलू राजनीतिक एजेंडे खासकर आगामी चुनावों और आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन इस समय एक बड़ी दुविधा में फंसा है। एक तरफ कूटनीतिक समाधान की कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी ओर रक्षा विभाग “अधिकतम दबाव” की नीति पर कायम है। यही वजह है कि अमेरिका ने मध्यपूर्व में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा दी है। शांति वार्ता अभी शुरुआती चरण में है और मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। इस बीच, अमेरिका के भीतर भी रणनीति को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं—कुछ नेता बातचीत के पक्ष में हैं, जबकि कुछ कड़ी सैन्य कार्रवाई और यहां तक कि ईरान में शासन परिवर्तन की बात कर रहे हैं। इस पूरे संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। Strait of Hormuz पर जारी तनाव के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप इस संभावना पर भी विचार कर रहे हैं कि किसी समझौते के तहत अमेरिका को ईरान के तेल तक पहुंच मिल सकती है, हालांकि इस पर अभी कोई ठोस योजना नहीं बनी है। जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिक भेजने का विकल्प भी खुला रखा गया है, लेकिन ट्रंप इससे बचना चाहते हैं क्योंकि इससे युद्ध लंबा खिंच सकता है। अब तक करीब 300 अमेरिकी सैनिक घायल और 13 की मौत हो चुकी है, जो उनकी चिंता का बड़ा कारण है। अमेरिका की घरेलू राजनीति पर भी इसका असर पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई, तेल की कीमतें और चुनावी दबाव ने ट्रंप सरकार के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों से यह साफ है कि युद्ध का असर सीधे चुनावी माहौल पर पड़ सकता है। व्हाइट हाउस की ओर से भी सख्त संदेश दिया गया है कि अगर ईरान समझौते के लिए आगे नहीं आता, तो अमेरिका पहले से भी ज्यादा आक्रामक कदम उठा सकता है।
