दावोस के पहले दिन दिखा ट्रंप का खास अंदाज़: युद्ध-व्यापार चर्चा के बीच कसे तंज, ‘खूबसूरत भाषण’ छोड़ सुनाए चुटकुले ! (Video)
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 01:33 PM (IST)
International Desk: विश्व आर्थिक मंच (दावोस) में पहले ही दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अंदाज़ बाकी नेताओं से बिल्कुल अलग नजर आया। भू-राजनीति, युद्ध, व्यापार और सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों के बीच ट्रंप ने अपने मज़ाक, तंज और बिना लिखे बयान देकर माहौल को हल्का कर दिया। बुधवार को कारोबारी नेताओं के एक स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए ट्रंप ने शुरुआत में ही तैयार भाषण को एक ओर रख दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा,“मेरे पास एक खूबसूरत भाषण है,”और फिर जोड़ा, “लेकिन आख़िरी चीज़ जो हम करना चाहते हैं, वह है समय बर्बाद करना और उसे फिर से सुनना।”सभा में मौजूद परिचित चेहरों को देखकर ट्रंप ने टिकटों की बिक्री और मशहूर हस्तियों की मौजूदगी पर भी चुटकी ली, जिस पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा।
THE JOKER IS HERE! GET READY FOR REAL ENTERTAINMENT!!
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) January 21, 2026
Trump tells #Davos26 he’s happy to speak to “many friends and a few enemies”
Few Enemies? That was a good one to start with Jokes. pic.twitter.com/WTag6yJWqq
उन्होंने अपने पास बैठे वरिष्ठ अधिकारियों पर भी तंज कसा। ट्रंप ने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक को “एक-दूसरे के बिल्कुल उलट” बताया और कहा,“मुझे यह पसंद है,” जिस पर श्रोता हंस पड़े। कॉरपोरेट जगत पर तंज कसते हुए ट्रंप ने बढ़ती नेटवर्थ का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि वे जब बड़े उद्योगपतियों से मिलते हैं तो उन्हें बधाई देते हैं और पूछते हैं कि क्या राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी संपत्ति दोगुनी हो गई है।एप्पल के सीईओ टिम कुक को देखकर ट्रंप ने मज़ाक में कहा कि वे “650 अरब डॉलर” के निवेश के लिए जाने जाते हैं। इस टिप्पणी पर तालियां और हंसी दोनों सुनाई दीं।ट्रंप ने मज़ाकिया अंदाज़ में ईर्ष्या की बात भी कही और स्वीकार किया कि कुछ लोग उन्हें पसंद नहीं हैं, फिर भी वे बहुत अमीर हो गए हैं।सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने हल्के अंदाज़ में टिप्पणी की। वॉशिंगटन में एक डिनर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे सड़क के बीचों-बीच चलते हैं, जिससे सीक्रेट सर्विस खुश नहीं होती।
🚨 HOLY SMOKES. Trump just CALLED OUT the Davos globalists to their faces — and said they can’t even LOOK at him. 🔥🔥
— Charlie’s Voice Rising (@CharlieK_news) January 21, 2026
“Six, seven people right here… I KNOW them! They’re staring DOWN. They don’t wanna look me in the eye!”
“They’ve been TAKING ADVANTAGE of the United States!”… pic.twitter.com/I87Mo0ft3s
एक टीवी इंटरव्यू में आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा,“अगर मैं कैंसर का इलाज भी खोज लूं, तो लोग कहेंगे कि इसे जल्दी क्यों नहीं किया।”फेडरल रिज़र्व पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने वहां के निर्माण खर्चों का मज़ाक उड़ाया और दावा किया कि वे इससे कहीं कम खर्च में बेहतर इमारत बना सकते थे। ग्रीनलैंड के मुद्दे पर भी ट्रंप ने गंभीरता की बजाय हल्कापन दिखाया। डेनमार्क की आपत्तियों पर उन्होंने कहा,“उन्होंने मुझे खुद नहीं बताया, और मुझे दूसरी तरफ़ से सुनना पसंद नहीं है।” दिन के अंत में ट्रंप ने बस इतना कहा कि दिन लंबा रहा, लेकिन बातचीत करने वाले पत्रकार से मुस्कुराते हुए बोले, “आप ठीक कर रहे हैं।” ट्रंप लंबे समय से बिना लिखे और सहज अंदाज़ में बोलने के लिए जाने जाते हैं। दावोस में भी उनका यही अंदाज़ दिखा, जहां गंभीर वैश्विक एजेंडे के बीच उनके मज़ाक और तंज चर्चा का विषय बन गए।
दावोस में ट्रंप का संदेश
- रणनीति क्या रही?
ट्रंप ने जानबूझकर हास्य और तंज का इस्तेमाल किया ताकि गंभीर मुद्दों युद्ध, व्यापार, सुरक्षा पर अपनी बात दबाव के बिना रख सकें।
- बिज़नेस नेताओं को संकेत
मज़ाक के बीच ट्रंप ने साफ संदेश दिया कि उनके कार्यकाल में कंपनियों की कमाई और वैल्यूएशन बढ़ी है। यह निवेशकों को भरोसा देने की कोशिश थी।
- आलोचकों पर अप्रत्यक्ष हमला
“अगर मैं कैंसर का इलाज भी खोज लूं…” जैसे बयान मीडिया और विरोधियों पर कटाक्ष थे।
- ग्रीनलैंड और नाटो पर हल्का रुख
संवेदनशील मुद्दों को मज़ाक में रखकर ट्रंप ने टकराव को फिलहाल ठंडा रखने का संकेत दिया।
ट्रंप ने दिखाया कि वे दावोस जैसे मंच को भी अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से मोड़ सकते हैं—जहां राजनीति, बिज़नेस और शो एक साथ चलते हैं।
