खत्म हुआ युद्धविराम: ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी, बोले- ''आज रात फिर होगा भीषण हमला''
punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 09:59 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए युद्धविराम समझौते को पूरी तरह खत्म घोषित करते हुए आज रात फिर से भीषण हमले की चेतावनी दी है। तुर्की के अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान पर और अधिक हवाई हमले करने की तैयारी कर रहा है।
'बीमार है ईरान का नेतृत्व'
शिखर सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से हुआ समझौता ज्ञापन (MOU) अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने ईरानी नेताओं को "नीच और बीमार" बताते हुए कहा कि वह अब उनसे किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहते।
जवाबी कार्रवाई का सिलसिला शुरू
ट्रंप के अनुसार, ये हमले होर्मुज़ जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान पर जवाबी कार्रवाई की। ट्रंप ने कहा, "हमने कल रात उन पर जोरदार हमला किया और संभवतः आज रात भी हम उन पर फिर से भीषण हमला करेंगे"।
ईरान ने 85 अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका की इस कार्रवाई पर पलटवार किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने इस कदम को अमेरिका द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन का करारा जवाब बताया है।
बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अब ईरान के आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना सकता है। इसके अलावा, अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश भी कर सकता है। साथ ही, अमेरिका ने ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की आर्थिक कमर टूटना तय माना जा रहा है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
