ईरान संकट पर अमेरिका और रूस आमने-सामने; ट्रंप के 'मदद' के वायदे तो रूस ने दी कड़ी चेतावनी
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 10:30 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः रूस ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान पर नए सैन्य हमलों की धमकी “पूरी तरह अस्वीकार्य” है। रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में खतरनाक और साजिश भरी दखलअंदाजी कर रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका को यह समझना चाहिए कि ऐसे कदमों के मध्य पूर्व और पूरी दुनिया की सुरक्षा पर विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।
रूस ने खास तौर पर चेताया कि अगर कोई देश बाहर से भड़काए गए प्रदर्शनों को बहाना बनाकर, जून 2025 की तरह ईरान पर फिर से हमला करता है, तो इसके नतीजे बेहद गंभीर होंगे। रूस ने साफ कहा कि इससे सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक शांति खतरे में पड़ सकती है।
ट्रंप का ईरानियों को खुला संदेश – “मदद रास्ते में है”
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की और कहा कि “मदद रास्ते में है”।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा: “ईरान के देशभक्तों, प्रदर्शन जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो। हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखो। उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं जब तक कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद नहीं होती। मदद रास्ते में है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के दौरान अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी ट्रंप कह चुके हैं कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ “बहुत मजबूत सैन्य विकल्प” हैं। इस बयान पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर ट्रंप का 25% टैरिफ बम
ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार पर 25% टैक्स (टैरिफ) लगाया जाएगा। ट्रंप ने लिखा: “तुरंत प्रभाव से, जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले हर व्यापार पर 25% टैक्स लगेगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।”
अभी तक ईरान की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन चीन ने इसका कड़ा विरोध किया है। चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। साल 2024 में ईरान के कुल तेल निर्यात का 77% हिस्सा चीन ने खरीदा था।
अमेरिका में चीन के दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा: “टैरिफ युद्ध और व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता। दबाव और धमकी से समस्याओं का समाधान नहीं निकलता। संरक्षणवाद सभी देशों के हितों को नुकसान पहुंचाता है।”
दुनिया में तनाव बढ़ा
एक तरफ अमेरिका ईरानी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दे रहा है और दूसरी तरफ रूस चेतावनी दे रहा है कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो इसके भयानक वैश्विक नतीजे होंगे। इससे साफ है कि ईरान का संकट अब केवल देश के अंदर की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे विश्व की राजनीति और सुरक्षा को हिला सकता है।
