BLA की शेरनी हातम नाज बनी फिदायीन , 60 साल की उम्र में पाक सेना के खिलाफ उठाई AK-47
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 08:03 PM (IST)
Peshawar: बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हालात पैदा किए हैं। इस विद्रोह में महिलाओं की भूमिका बढ़ती जा रही है और इसी में प्रमुख नाम हातम नाज सुमनाली का है। BLA के अनुसार वह माजिद ब्रिगेड की महिला फिदायीन हैं और उन्हें संगठन की पोस्टर वुमन के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है। हातम नाज 60 वर्ष की उम्र में हथियार उठाकर संघर्ष में शामिल हुईं, जिसके कारण उनका नाम विवादित और चर्चित हो गया। BLA के अंदर उन्हें गुल बीबी के कोड नाम से जाना जाता है। संगठन के मुताबिक वह माजिद ब्रिगेड की चौथी महिला फिदायीन हैं।
BLA मीडिया के अनुसार, हातम नाज बलूचिस्तान के बोलन जिले के घरबोक इलाके की निवासी हैं और नूर मोहम्मद सुमनाली की बेटी हैं। उन्होंने 2015 में BLA में शामिल होने के बाद घर-बार छोड़ दिया और जंगलों में रहकर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय हुईं। रिपोर्टों में कहा गया है कि 2016 में एक ऑपरेशन के दौरान हाथम नाज उस्ताद असलम के खिलाफ मुठभेड़ में घायल हुईं और बाद में उन्हें सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार/अगवा किया, जिसके बाद वे लगभग चार महीने तक लापता रहीं। जनवरी 2023 में उन्होंने फिदायीन (कुर्बानीवादी) बनकर संघर्ष को और तेज करने का फैसला किया। इसके बाद वे कई बड़े सैन्य अभियानों में शामिल रहीं और BLA की ओर से किए गए हमलों में उनका नाम सामने आया। संगठन का दावा है कि उनकी गतिविधियों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है।
हातम नाज के शामिल होने के बाद बलूचिस्तान में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि देखी गई है। BLA की प्रचार सामग्री में उन्हें प्रेरणास्रोत बताया जा रहा है और कई महिलाएं विद्रोही समूहों में शामिल हो रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से पाकिस्तान के सुरक्षा ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है और क्षेत्रीय अशांति की जटिलता भी बढ़ रही है। बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववाद और आत्म-शासन की मांगों को लेकर विद्रोह चल रहा है। BLA जैसे समूह इसे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक उपेक्षा के खिलाफ संघर्ष बताते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार इन्हें आतंकवादी संगठन मानती है और सुरक्षा उपायों को कड़े करती है। फिलहाल, हातम नाज और उनकी फिदायीन इकाइयों की गतिविधियों के बारे में पाकिस्तान सरकार की तरफ से कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में संगठन के प्रचार और सुरक्षा एजेंसियों के बयान अक्सर विरोधाभासी होते हैं, इसलिए निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार जरूरी है।
