ईरान आंदोलन की खौफनाक सच्चाईः आगजनी से पहले मस्जिद में हमला, तोड़फोड़ का फुटेज आया सामने (Video)
punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 05:22 PM (IST)
International Desk: ईरान में जारी जनविरोध के बीच एक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। राजधानी तेहरान की अबूज़र मस्जिद में हुई तोड़फोड़ का CCTV फुटेज अब सार्वजनिक हुआ है, जिसने पूरे आंदोलन की भयावहता को उजागर कर दिया है। यह फुटेज 8 जनवरी का बताया जा रहा है, यानी मस्जिद में आग लगाए जाने की घटना से ठीक एक दिन पहले का। वीडियो में काले कपड़े पहने कुछ लोग मस्जिद के अंदर घुसते नजर आते हैं। ये लोग अंदर मौजूद फर्नीचर को नुकसान पहुंचाते हैं, किताबों की अलमारियां गिराते हैं, पंखे और अन्य सामान तोड़ते हैं। फुटेज के आखिर में एक व्यक्ति लोहे की छड़ से CCTV कैमरे को तोड़ देता है, जिसके बाद रिकॉर्डिंग बंद हो जाती है।
🔴 Tehran tonight:
— 𝐍𝐢𝐨𝐡 𝐁𝐞𝐫𝐠 ✡︎ 🇮🇷 (@NiohBerg) January 9, 2026
"People once again brought the Lion and Sun flag, and they set fire to the Saadat Abad Mosque.
"Saadat Abad is in the hands of the people. The fucking regime bastards escaped. More crowds are joining.
Death to Khamenei." pic.twitter.com/M5gJoGVhPh
रॉयटर्स ने इस CCTV फुटेज की पुष्टि की है। एजेंसी के मुताबिक, वीडियो में दिख रही ईंटें, गुंबदनुमा संरचना, किताबों की अलमारियां और अन्य चीजें मस्जिद की पुरानी तस्वीरों से मेल खाती हैं। फुटेज पर मौजूद टाइमस्टैंप से भी तारीख की पुष्टि होती है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अबूज़र मस्जिद में 9 जनवरी को आगजनी की गई थी। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे कौन जिम्मेदार है।
यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है जब ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में हिंसा के दौरान 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जबकि 10,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुल मौतों का आंकड़ा 500 से अधिक बताया जा रहा है। इसी बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में हस्तक्षेप किया, तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की स्थिति में अमेरिका कदम उठा सकता है।
For you Ektarfa Janum Pyjama and Paapiya Amanatullah Khan,
— Dr Poornima 🇮🇳 (@PoornimaNimo) January 10, 2026
Al-Rasool Mosque, being burned by the Islamists in Tehran, Iran as they got fed up with the Iranian regime of Khameini.
Tum karo toh tumhara Haq,
Hum yaha illegal encroachment demolish karein toh "What The F*€k"??? pic.twitter.com/kezCgEFzpf
उधर, चीन ने एक बार फिर ईरान के पक्ष में रुख अपनाया है। बीजिंग ने न सिर्फ ईरान के आंतरिक हालात को “घरेलू मामला” बताया, बल्कि ग्रीनलैंड और आर्कटिक मुद्दे पर भी अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने “स्वार्थी हितों” के लिए दूसरे देशों का इस्तेमाल न करे। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह रुख ईरान के दमन को परोक्ष समर्थन और अमेरिका को खुली चुनौती दोनों का संकेत है।
