ताइवान पर हमले की तैयारीः चीन ने चारों तरफ से घेरा, 20 सैन्य विमानों व 7 युद्धपोतों ने ADIZ में की एंट्री
punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 12:26 PM (IST)
Taipei: ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां एक बार फिर बढ़ती दिखाई दी हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार सुबह तक उसके आसपास चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 20 विमान, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के 7 जहाज और 6 सरकारी जहाज देखे गए। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन 20 चीनी सैन्य विमानों में से 15 ने ताइवान के उत्तरी, मध्य, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में प्रवेश किया। ताइवान की सशस्त्र सेनाओं ने पूरी स्थिति पर नजर रखी और जवाबी निगरानी की।
ताइवान के अनुसार, मंगलवार को भी उसके आसपास चीन के 5 PLA विमान, 8 PLAN जहाज और 7 सरकारी जहाज देखे गए थे। इनमें से 3 चीनी विमानों ने ताइवान के उत्तरी और पूर्वी ADIZ में प्रवेश किया था। इससे एक दिन पहले सोमवार को ताइवान ने 1 PLA विमान, 9 PLAN जहाज और 7 सरकारी जहाज अपने आसपास देखे थे। ताइवान के मुताबिक, उस विमान ने उत्तरी ADIZ में प्रवेश किया था। यानी लगातार कई दिनों से ताइवान के आसपास चीनी सैन्य और सरकारी जहाजों की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।
ADIZ में घुसने के मायने
ADIZ यानी Air Defence Identification Zone ऐसा हवाई क्षेत्र होता है, जहां किसी देश की सेना आने वाले विमानों की पहचान और निगरानी करती है। यह किसी देश के संप्रभु हवाई क्षेत्र से अलग होता है। इसलिए ADIZ में प्रवेश को सीधे किसी देश की सीमा में घुसपैठ के बराबर नहीं माना जाता, लेकिन लगातार सैन्य विमानों की गतिविधि सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है।
चीन-ताइवान विवाद की जड़
चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है और उसका दावा है कि ताइवान चीन से अलग नहीं है। बीजिंग लंबे समय से ताइवान के साथ एकीकरण की नीति पर जोर देता रहा है और जरूरत पड़ने पर सैन्य शक्ति के इस्तेमाल का विकल्प भी खुला रखता है। दूसरी ओर, ताइवान की अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था है और वह दशकों से चीन के नियंत्रण से अलग तरीके से संचालित हो रहा है।ताइवान के मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा ढांचे की जड़ें चीनी गृहयुद्ध के बाद की परिस्थितियों में हैं। 1949 में कम्युनिस्ट पार्टी के सत्ता में आने के बाद रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार ताइवान चली गई थी। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव बना हुआ है।
