गाजा में इजराइली हमलों से फिर दहला आसमान, कैमरामैन और दो मासूम बच्चियों समेत 6 की मौत
punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 11:39 AM (IST)
Gaza Conflict : गाजा पट्टी में इजराइल और चरमपंथी संगठन हमास के बीच समझौते (युद्धविराम) के दावों के बावजूद जमीनी हालात बेहद दर्दनाक बने हुए हैं। शनिवार को गाजा के अलग-अलग इलाकों में हुए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम छह फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई। मरने वालों में दो सगी मासूम बहनें और एक कैमरामैन भी शामिल हैं।
फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक युद्धविराम की घोषणा के बाद भी गाजा में इजराइल के सैन्य ऑपरेशन जारी हैं जिनमें अब तक 1,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल और चरमपंथी समूह हमास के बीच अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बावजूद गाजा में लगभग रोजाना इजराइल के हमले जारी हैं जिनमें अब तक 1,000 से अधिक फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है।
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मंत्रालय के अनुसार शनिवार को पहला हमला स्थानीय समयानुसार लगभग रात दो बजे गाज़ा सिटी में एक इमारत पर हुआ। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दो बहनों- ज़ीना (चार) और लाना (14) के शव शिफ़ा अस्पताल के मुर्दाघर लाए गए। हमले में घायल उनके एक रिश्तेदार मोहम्मद सफादी ने बताया मैं घर पर बैठा था तभी एक रॉकेट हम पर गिरा। उन्होंने बताया कि हमले में उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं। सफादी ने कहा, कब्ज़ा करने वाली ताकत और वार्ता दल जिस युद्धविराम के बारे में बातें करते हैं क्या यह वही युद्धविराम है … क्या यह सच में युद्धविराम है? हम आम नागरिक हैं। मैंने कभी कोई हथियार नहीं उठाया।
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इजराइल की सेना ने कहा कि वह इस घटना की जांच कर रही है। शनिवार शाम को हुए इजराइल के तीन हमलों में चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 12 लोग घायल हो गए। पहला हमला मध्य गाज़ा के बुरेज शरणार्थी शिविर में एक घर पर बिना किसी चेतावनी के किया गया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। अल-अक्सा अस्पताल के अनुसार मारे गए लोगों में अल जज़ीरा के कैमरामैन अहमद विशाह भी शामिल हैं। अल जजीरा ने विशाह की मौत की पुष्टि की है।
विशाह के भाई मोहम्मद भी अल जज़ीरा के ही संवाददाता थे और उनकी भी अप्रैल में इज़राइल के हमले में मौत हो गई थी। वहीं इजराइल की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने अल जज़ीरा के कैमरामैन को एक सटीक हमले में मार गिराया। सेना ने दावा किया कि वह हमास की सैन्य शाखा से जुड़ा हुआ था और उस क्षेत्र में तैनात सैनिकों के लिए खतरा पैदा कर रहा था। इज़राइल का कहना है कि वह हमास और उन चरमपंथियों को निशाना बना रहा है जो सुरक्षा के लिए खतरा हैं। युद्धविराम के बाद से पांच इज़राइली सैनिकों की मौत हो चुकी है।
