अमेरिका में भीषण गर्मी का कहर: 24 लोगों की मौ'त, 4 करोड़ लोग हीट अलर्ट के दायरे में
punjabkesari.in Monday, Jul 06, 2026 - 11:28 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के बड़े हिस्से में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी के कारण कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम वैज्ञानिकों ने देश भर में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बने रहने की चेतावनी दी है। इस कारण करीब चार करोड़ लोग अब भी‘हीट अलर्ट' के साये में हैं। अत्यधिक गर्मी अमेरिका की सबसे जानलेवा प्राकृतिक आपदा है।
मौतों का यह बढ़ता आंकड़ा यह बताता है कि लंबे समय तक पड़ने वाली भीषण गर्मी कितनी खतरनाक हो सकती है। मिडवेस्ट से लेकर पूर्वी तट तक फैले शक्तिशाली‘हीट डोम'के कारण करोड़ों अमेरिकियों को कई दिनों तक असाधारण रूप से उच्च तापमान का सामना करना पड़ा है। इस वजह से हफ्ते भर से जारी यह गर्मी अब तक की सबसे जानलेवा मौसम संबंधी घटनाओं में से एक बन गई है।
न्यू जर्सी में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं, जहां अधिकारियों ने सप्ताहांत के दौरान गर्मी से जुड़ी 22 मौतों की घोषणा की है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक तापमान के कारण कुछ और मौतें इलिनोइस के कुक काउंटी और मिसिसिपी के हिंड्स काउंटी में भी दर्ज की गई हैं। राष्ट्रीय मौसम सेवा (एडब्ल्यूएस) ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस यानी चार जुलाई के अवकाश वाले इस सप्ताहांत दैनिक तापमान के पिछले रिकॉर्ड तोड़ टूट गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख रिकॉर्ड अमेरिकी राजधानी में स्थित रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर दर्ज किए गए। यहां तीन जुलाई को 38.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, इसके बाद चार जुलाई को पारा सारे रिकॉडर् तोड़ते हुए 39.4 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा।
मौसम विज्ञानियों ने कहा कि लगातार बने एक उच्च दबाव प्रणाली के कारण यह हीटवेव और गंभीर हो गई है। इस प्रणाली ने पूर्वी अमेरिका के बड़े हिस्से में गर्म हवा को रोककर रख लिया है, जिससे दिन के समय तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंच गया और रातें भी असाधारण रूप से गर्म रहीं। हाल के अध्ययनों में बढ़ते वैश्विक तापमान को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों में आने वाली अधिक गंभीर हीटवेव की घटनाओं से जोड़ा गया है। ‘वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन' समूह के हालिया विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकला है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन ने यूरोप में जारी रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव को जन्म दिया है और पिछले महीने अत्यधिक गर्मी के कारण पूरे यूरोप में करीब 20,000 लोगों की मौत होने का अनुमान है।
