Russia Oil Restrictions: अमेरिका की चेतावनी के बीच रूस ने प्रमुख तेल पाइपलाइन पर लगाया प्रतिबंध

punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 07:42 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया के दूसरे सबसे बड़े तेल निर्यातक रूस ने अपने प्रमुख निर्यात बंदरगाहों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। नोवोरोस्सिस्क के काला सागर बंदरगाह पर एक और मूरिंग को निलंबित कर दिया गया है। इससे ठीक एक दिन पहले रूस ने कैस्पियन पाइपलाइन से लोडिंग पर रोक लगाई थी। रूस प्रतिदिन लगभग 9 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 10वां हिस्सा है। इसके बंदरगाहों से कजाकिस्तान का तेल भी निर्यात किया जाता है। अब इस प्रतिबंध से रूस के तेल निर्यात को झटका लग सकता है।

अमेरिका की नई चेतावनी से दबाव बढ़ा

रूस द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता में धीमी प्रगति से नाखुश हैं। उन्होंने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है। अगर यह फैसला लागू होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल हो सकती है।

नोवोरोस्सिस्क बंदरगाह पर नई पाबंदियां

रूसी तेल पाइपलाइन कंपनी ट्रांसनेफ्ट ने कहा कि परिवहन निगरानी संस्था द्वारा आकस्मिक निरीक्षण के बाद नोवोरोस्सिस्क में एक मूरिंग को 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, इस प्रतिबंध से बंदरगाह के कुल परिचालन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

शेसखारिस टर्मिनल पर असर

नोवोरोस्सिस्क वाणिज्यिक समुद्री बंदरगाह रूस के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्रों में से एक है। यहाँ के शेसखारिस टर्मिनल पर प्रतिबंध से तुर्की और जॉर्जिया को होने वाले निर्यात पर असर पड़ सकता है। बर्थ 8, जिसका उपयोग कम सल्फर वाले डीजल टैंकरों के लिए किया जाता है, को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। जनवरी से मार्च के बीच इस बर्थ से लगभग 100,000 टन डीजल लोड किया गया था। 
कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (CPC) के टर्मिनल पर भी नियामक निरीक्षण के बाद तीन में से दो मूरिंग बंद कर दी गई हैं। यह पाइपलाइन अमेरिकी कंपनियों शेवरॉन और एक्सॉन मोबिल से जुड़ी हुई है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष की छाया

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम पर प्रतिबंध यूक्रेनी ड्रोन हमलों से जुड़ा है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस पर आरोप लगाया है कि उसने उसकी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि एक रूसी ड्रोन ने सुमी क्षेत्र में एक ऊर्जा सबस्टेशन को नष्ट कर दिया और निप्रॉपेट्रोस में तोपखाने की आग से 4,000 उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई।

अप्रैल में निर्यात योजनाओं पर असर

अप्रैल के लिए कैस्पियन पाइपलाइन के ज़रिए 1.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन (करीब 6.5 मिलियन मीट्रिक टन) तेल निर्यात करने की योजना थी। लेकिन अब खरीदार संशोधित लोडिंग कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, कजाकिस्तान और शेवरॉन ने आश्वासन दिया है कि पाइपलाइन प्रवाह में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है।
रूस और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। रूस द्वारा नए प्रतिबंध लगाने और अमेरिका द्वारा संभावित टैरिफ बढ़ाने की धमकी से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।

 


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Content Editor

Ashutosh Chaubey

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