नेपाल में महिला ने पुल से कुत्ते को नदी में फेंका; वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल, भड़का लोगों का गुस्सा(Video)
punjabkesari.in Thursday, Sep 17, 2026 - 06:56 PM (IST)
Kathmandu: नेपाल के बजहांग जिले में एक महिला द्वारा एक बेबस कुत्ते को पुल से सेती नदी में धकेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। कई लोगों ने वीडियो साझा करते हुए महिला की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो में नजर आ रही महिला की तलाश की जा रही है। जिला पुलिस कार्यालय, बजहांग के सूचना अधिकारी दीपक बिष्ट ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है और इसमें शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, घटना जयपृथ्वी नगरपालिका के वार्ड संख्या 10 और 11 के बीच स्थित पंकट पुल पर हुई प्रतीत होती है। यह पुल सेती नदी के ऊपर बना है।
पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर घटनास्थल और घटना में शामिल लोगों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला कौन है, कुत्ते को पुल से नदी में क्यों धकेला गया और उसके बाद कुत्ते का क्या हुआ। पुलिस का कहना है कि केवल वीडियो सामने आने के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पूरे मामले के तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई। कई उपयोगकर्ताओं ने पुलिस से महिला को गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, वरिष्ठ अधिवक्ता पदम बहादुर श्रेष्ठ का कहना है कि पशु क्रूरता की घटना देखने के बाद केवल सोशल मीडिया पर आक्रोश जताना पर्याप्त नहीं है।
ऐसे मामलों की शिकायत संबंधित अधिकारियों के पास की जा सकती है। श्रेष्ठ के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति कुत्ते या किसी अन्य जानवर के साथ क्रूरता होते देखता है तो वह पुलिस कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। अगर पुलिस शिकायत दर्ज करने से इनकार करे तो जिला प्रशासन कार्यालय या जिला सरकारी वकील कार्यालय में भी शिकायत की जा सकती है। इस मामले में वायरल वीडियो ने पुलिस को जांच शुरू करने के लिए शुरुआती आधार उपलब्ध कराया है। अब जांच के जरिए महिला की पहचान और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।
पशु क्रूरता पर क्या है सजा?
वरिष्ठ अधिवक्ता श्रेष्ठ के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले नेपाल में इस तरह के मामलों के लिए कोई विशेष कानूनी प्रावधान नहीं था। लेकिन उसी वर्ष मुलुकी आपराधिक संहिता लागू होने के बाद पशुओं के साथ इस तरह की क्रूरता को आपराधिक कृत्य के तौर पर देखा जाता है। उनके मुताबिक, ऐसे अपराध में तीन महीने तक की जेल, 5,000 नेपाली रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। हालांकि, इस मामले में महिला की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस ने अब तक महिला को गिरफ्तार नहीं किया है।
