PM Modi Muhammad Yunus Meeting: पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दे डाली बड़ी नसीहत! जानें क्या बोला प्रधानमंत्री ने
punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 06:10 PM (IST)

इंटरनेशल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की बैंकॉक में हुई मुलाकात में भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। यह बैठक बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें भारत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सीमा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे उठाए।
माहौल खराब करने वाली बयानबाजी से बचें
बैठक में पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को स्पष्ट संदेश दिया कि माहौल खराब करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए। हाल ही में मोहम्मद यूनुस ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिससे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तल्खी आ गई। भारत ने इस पर आपत्ति जताते हुए साफ कहा कि इस तरह की टिप्पणियां क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार वहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की गहन जांच करेगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। भारत ने यह भी कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा किसी भी लोकतांत्रिक देश की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
पूर्वोत्तर के राज्यों पर यूनुस के बयान से नाराज भारत
28 मार्च को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि "भारत के पूर्वी हिस्से को सेवन सिस्टर्स कहा जाता है और वे चारों ओर से जमीन से घिरे हुए हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।" साथ ही उन्होंने बांग्लादेश को इस क्षेत्र के लिए महासागर का एकमात्र संरक्षक बताया। भारत ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे अस्वीकार्य बताया।
सीमा कानून का सख्ती से पालन होगा
प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा सुरक्षा को लेकर भी बांग्लादेश के साथ चर्चा की। उन्होंने खासतौर पर रात के समय अवैध तरीके से सीमा पार करने की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि सीमा कानून का सख्ती से पालन किया जाएगा। भारत ने यह स्पष्ट किया कि सीमा पार से होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा की। भारत ने बांग्लादेश के साथ व्यापार, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध दोनों देशों के विकास के लिए आवश्यक हैं।