अमेरिका के दबाव पर भड़का ईरान; रेजाई बोले-आर्थिक जंग बढ़ी तो पूरी तरह रोक देंगे तेल सप्लाई, बाघेर ने भी US की नई धमकी पर कसा तंज
punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 03:45 PM (IST)
Tehran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका का कथित ‘आर्थिक युद्ध’ जारी रहा, तो ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज समेत फारस की खाड़ी के किसी भी हिस्से से तेल का निर्यात रोक सकता है। उन्होंने अमेरिका की आर्थिक मुहिम में साथ देने वाले देशों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। मोहसेन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अगर अमेरिका आर्थिक युद्ध जारी रखता है, तो ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज या फारस की खाड़ी के किसी भी हिस्से से तेल की एक बूंद भी निर्यात नहीं करेगा। रेजाई ने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका की आर्थिक मुहिम में शामिल होगा या उसका समर्थन करेगा, ईरान उसे ‘युद्ध की कार्रवाई’ के तौर पर देखेगा। उनकी यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से वैश्विक बाजार तक पहुंचती है। ऐसे में अगर ईरान वास्तव में इस रास्ते से तेल निर्यात रोकने की कोशिश करता है, तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों की धमकी पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट में अमेरिकी आर्थिक दबाव की तुलना ऐसे बूमरैंग से की जो अपने निशाने पर वापस लौट आता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का आर्थिक दबाव उल्टा उसी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। गालिबाफ ने इसके साथ एक व्यंग्यात्मक कॉमिक भी साझा की, जिसमें अमेरिका की ओर से फेंके गए कथित ‘सबसे बड़े आर्थिक अभियान’ को वापस लौटकर हमला करने वाले बूमरैंग के रूप में दिखाया गया।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने भी अमेरिका के आर्थिक दबाव पर प्रतिक्रिया दी। IRIB के मुताबिक, मोहेबी ने कहा कि अमेरिका का आर्थिक युद्ध कोई नई बात नहीं है और ईरान कई दशकों से अलग-अलग तरह के प्रतिबंधों का सामना करता रहा है। उन्होंने अमेरिका के आर्थिक दबाव को सैन्य मोर्चे पर कथित हार की स्वीकारोक्ति के तौर पर पेश किया। मोहेबी का कहना था कि आर्थिक हस्तक्षेप के प्रभावों को नियंत्रित किया जा सकता है और ईरान अपने आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने में सक्षम है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिका की प्रतिबंधों की धमकी की आलोचना की। अल जजीरा के अनुसार, उन्होंने कहा कि ईरान के लिए युद्ध और प्रतिबंध कोई नई चीज नहीं हैं। बघाई ने कहा कि ईरान करीब दो दशकों से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।
