Epstein केस में नया ट्विस्ट: RAW एजेंट ने दी चेतावनी ! कहा-मरे हुए Epstein के नाम से jmail का चला खेल,जरा सोचो फिर...’(Video)

punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 04:02 PM (IST)

International Desk: Jeffrey Epstein मामले में एक बार फिर Jeffrey Epstein मामले में एक और चौंकने वाला दावा सामने आया है  जिसने वैश्विक राजनीति, सत्ता और अरबपतियों से जुड़े नेटवर्क पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत के पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ़ लकी बिष्ट ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक महत्वपूर्ण डिजिटल चेतावनी साझा की है।  लकी बिष्ट के अनुसार, दुनिया को यह दिखाकर गुमराह किया जा रहा है कि Jeffrey Epstein के नाम से ई-मेल सामने आ रहे हैं, जबकि Epstein की मृत्यु सालों पहले हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जिन ई-मेल्स को “Gmail” बताकर प्रचारित किया जा रहा है, वे असल में Gmail नहीं हैं। उन्होंने विशेष रूप से http://jmail.world जैसे डोमेन का जिक्र किया, जो देखने में Gmail जैसा लगता है लेकिन वास्तव में एक क्लोन या फर्जी ई-मेल डोमेन हो सकता है। ऐसे डोमेन से भेजे गए मेल्स को आधार बनाकर बड़े-बड़े नामों को Epstein केस में घसीटने की कोशिश की जा रही है।

 

जो चीज़ Gmail जैसी दिखे लेकिन Gmail हो ही नहीं उस पर कैसे भरोसा करें?
मर चुके Jeffrey Epstein के नाम से मेल वायरल किए जा रहे हैं, वो भी https://t.co/jRc03nguel जैसे क्लोन डोमेन से।
ये सच नहीं ये डिजिटल भ्रम है। सोचो… गेम कितना बड़ा है।#JeffreyEpstein #FakeGmail #EpsteinTruthpic.twitter.com/eUsmruka86

— Lucky Bisht (@iamluckybisht) February 12, 2026

लकी बिष्ट ने साफ शब्दों में कहा कि यह सच नहीं बल्कि डिजिटल भ्रम (Digital Illusion) है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मेल का स्रोत ही संदिग्ध है, तो उस पर भरोसा कैसे किया जा सकता है? उनके अनुसार, यह खेल बेहद बड़ा हो सकता है जहां तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों की सोच को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि झूठी अफवाहों में न उलझें, हर वायरल दावे को आँख बंद कर स्वीकार न करें और यह समझें कि डिजिटल दौर में भ्रम फैलाना बेहद आसान हो गया है।इस दावे के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूज़र्स ने इसे “डिजिटल वॉरफेयर” बताया, तो कुछ ने चिंता जताई कि आने वाले समय में और कौन-सा बड़ा खुलासा या ‘सरप्राइज़’ सामने आ सकता है। बता दें कि Jeffrey Epstein के नाम से ई-मेल सामने आए हैं। ये ई-मेल “Gmail” जैसे दिखते हैं। इन्हें आधार बनाकर वैश्विक नेताओं और अरबपतियों को फंसाया जा रहा है। पूर्व RAW एजेंट लक्ष्मण उर्फ़ लकी बिष्ट के अनुसार ये ई-मेल फर्जी डोमेन (जैसे jmail.world) से भेजे गए हैं।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Lucky Bisht (@iamluckybisht)

Jeffrey Epstein की मृत्यु 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क के Metropolitan Correctional Center में हुई थी। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया है।  इसलिए 2019 के बाद Epstein द्वारा खुद ई-मेल भेजे जाने की संभावना शून्य है। “Gmail जैसा” डोमेन असली Gmail हो सकता है? असली Gmail @gmail.com या @googlemail.com सिर्फ इन डोमेन्स से चलता है । जबकि jmail.world, gmali, g-mail जैसे डोमेन देखने में Gmail जैसे लगते हैं लेकिन Google से इनका कोई संबंध नहीं। ऐसे डोमेन को Email Spoofing / Clone Domain कहा जाता है। बता दें कि कोई भी व्यक्ति किसी भी नाम से किसी भी नकली डोमेन से ई-मेल भेज सकता है। ई-मेल का नाम और फोटो पहचान का प्रमाण नहीं होते। इनकी असली पहचान असली पहचान केवल डोमेन, मेल हेडर SMTP सर्वर रिकॉर्ड से होती है, जो आम पाठक नहीं देख पाता। US, DOJ,  FBI,  Google ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि ये ई-मेल असली Gmail से भेजे गए या Epstein द्वारा लिखे गए  इसलिए इन्हें प्रमाण नहीं, दावा माना जाएगा। क्या Epstein Files में आए सभी नाम “दोषी” हैं?


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News