मेक्सिको के 25.9 लाख घरों में भुखमरी की समस्या, भूखे पेट सो रहे बच्चे; वयस्क दिन में एक बार खा रहे खाना
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 08:24 AM (IST)
वॉशिंगटन : मेक्सिको में लगभग 25.9 लाख परिवारों को किसी न किसी स्तर पर भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित घरों में बच्चे अक्सर जरूरत से कम खाना खाते हैं या भूखे पेट ही सो जाते हैं। मेक्सिको के 2025 के इंटरसेन्सल्स सर्वे (जनगणना के बीच का सर्वेक्षण) के आंकड़ों से पता चला है कि 6.5 प्रतिशत परिवारों में कम से कम एक व्यक्ति ऐसा था जिसे पैसे या अन्य संसाधनों की कमी के कारण भोजन नहीं मिल पाया। इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित लोगों में बच्चे और किशोर शामिल थे। जिन परिवारों में नाबालिग बच्चे थे और जिन्हें भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा था, उनमें से 19.9 प्रतिशत ने बताया कि किसी बच्चे को भूख तो लगी थी लेकिन उसने खाना नहीं खाया। वहीं, 19.2 प्रतिशत परिवारों ने कहा कि कोई नाबालिग बच्चा भूखे पेट ही सो गया।
ऐसे 17.4 प्रतिशत घरों में किसी बच्चे या किशोर ने दिन में केवल एक बार खाना खाया या पूरे दिन बिना भोजन के बिताया। इसके असर सिर्फ खाना न मिलने तक ही सीमित नहीं थे। प्रभावित परिवारों में से आधे से ज्यादा, यानी 55.4 प्रतिशत ने कहा कि उनके बच्चों के भोजन में बहुत कम विविधता थी। लगभग 37.73 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि किसी बच्चे या किशोर ने परिवार की जरूरत के हिसाब से कम खाना खाया। 36.91 प्रतिशत परिवारों में नाबालिगों को कम मात्रा में खाना दिया गया क्योंकि पर्याप्त भोजन या पैसा नहीं था।
ये नतीजे मेक्सिको के अखबार 'ला जोर्नाडा' (La Jornada) ने 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड जियोग्राफी' (INEGI) के आंकड़ों के आधार पर प्रकाशित किए। मेक्सिको के राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण सर्वेक्षण के अलग नतीजों से पता चला कि कुपोषण ने 5 साल से कम उम्र के 13 लाख से ज्यादा बच्चों को प्रभावित किया। उस आयु वर्ग के लगभग 13.9 प्रतिशत बच्चे अनुशंसित वजन से कम वजन वाले थे। आर्थिक तंगी के कारण वयस्क भी खाना छोड़ रहे थे।
भोजन की कमी वाले परिवारों में से 31 प्रतिशत ने कहा कि किसी वयस्क को भूख तो लगी थी लेकिन उसने खाना नहीं खाया। लगभग 27.9 प्रतिशत ने कहा कि किसी वयस्क ने दिन में केवल एक बार खाना खाया या 24 घंटे तक बिना भोजन के रहा। सोलह प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे बहुत कम विविधता वाला भोजन कर रहे थे। 11.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वयस्क अपनी जरूरत से कम खाना खाते थे।
प्रभावित परिवारों में से 7.1 प्रतिशत परिवारों में किसी वयस्क ने नाश्ता, दोपहर का खाना या रात का खाना छोड़ दिया क्योंकि परिवार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। यह समस्या ग्रामीण और खेती वाले इलाकों के साथ-साथ आदिवासी समुदायों में ज्यादा गंभीर थी। ऐसे समुदायों की आय अक्सर कम होती है और उन्हें सार्वजनिक सेवाओं और स्थिर रोजगार तक कम पहुंच मिलती है। प्रभावित परिवारों का सबसे ज्यादा अनुपात Tabasco में दर्ज किया गया, जो 15.32 प्रतिशत था। इसके बाद Oaxaca में 10.13 प्रतिशत और Campeche में 9.94 प्रतिशत मामले सामने आए।
इन तीनों दक्षिणी राज्यों में ग्रामीण आबादी ज्यादा है जबकि Oaxaca में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय भी रहते हैं। परिवार की अपर्याप्त आय और महंगाई को भोजन तक सीमित पहुंच के मुख्य कारणों के तौर पर पहचाना गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य आपातकाल के बाद कमजोर परिवारों को पर्याप्त भोजन पाने में ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मेक्सिको कृषि उत्पादों का एक बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है, लेकिन इसके समृद्ध औद्योगिक केंद्रों और गरीब दक्षिणी व ग्रामीण इलाकों के बीच भोजन की उपलब्धता में भारी अंतर है। इसलिए राष्ट्रीय खाद्य-सुरक्षा के आंकड़े राज्यों और समुदायों के बीच के बड़े अंतर को छिपा सकते हैं।
