100 से ज्यादा बच्चों की मौत, इस देश में खसरे का कहर... सरकार ने शुरू किया इमरजेंसी अभियान

punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 08:21 PM (IST)

नेशनल डेस्क : बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) का खतरनाक प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है, जिसने अब गंभीर रूप ले लिया है। बीते एक महीने से भी कम समय में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे देश में चिंता का माहौल है। हालात को देखते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर इमरजेंसी टीकाकरण अभियान शुरू किया है।

इमरजेंसी टीकाकरण अभियान की शुरुआत

5 अप्रैल को बांग्लादेश सरकार ने यूनिसेफ, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और गावी, द वैक्सीन एलायंस के साथ मिलकर खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान लॉन्च किया। इस अभियान का लक्ष्य 12 लाख से अधिक उन बच्चों को सुरक्षा देना है, जिन्हें अब तक वैक्सीन नहीं लग पाई है और जो संक्रमण के उच्च जोखिम में हैं। स्वास्थ्य मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है और तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।

तेजी से फैल रही है बीमारी, बढ़ा दबाव

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो हवा के जरिए फैलती है। मार्च से अब तक 900 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। फिलहाल यह अभियान छह महीने से लेकर पांच साल तक के बच्चों पर केंद्रित है, खासकर उन इलाकों में जहां संक्रमण का खतरा ज्यादा है। बाद में इसे पूरे देश में विस्तार देने की योजना है।

छोटे बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा

बांग्लादेश में यूनिसेफ की प्रतिनिधि ने चेतावनी दी है कि खसरा छोटे और कमजोर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। कई बच्चे ऐसे हैं जिन्हें अब तक पूरी तरह टीकाकरण नहीं मिला है या उनका वैक्सीनेशन अधूरा है। नौ महीने से कम उम्र के शिशु, जो अभी नियमित टीकाकरण के दायरे में नहीं आते, उनमें संक्रमण का जोखिम और भी ज्यादा है।

समय पर इलाज नहीं मिला तो हो सकता है जानलेवा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते टीकाकरण नहीं बढ़ाया गया, तो यह बीमारी और ज्यादा जानलेवा रूप ले सकती है। ढाका के संक्रामक रोग अस्पताल की उप-निदेशक ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में तेज बुखार, दाने या खसरे के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह के दवा न लें।


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News Editor

Parveen Kumar

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