फिलीपींस में शक्तिशाली भूकंप के झटके, आफ्टरशॉक्स की चेतावनी जारी ! दहशत में लोग (Video)
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 12:37 PM (IST)
International Desk: फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में स्थित मिंडानाओ द्वीप के तट पर बुधवार सुबह 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (PHIVOLCS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 11:02 बजे आया। संस्थान ने बताया कि भूकंप का केंद्र दावाओ ओरिएंटल प्रांत के तटीय शहर मनाय से लगभग 47 किलोमीटर दूर समुद्र में था, जबकि इसकी गहराई करीब 42 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के झटके मिंडानाओ द्वीप के कई इलाकों में महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
No hubo alerta de tsunami ni informes inmediatos de daños https://t.co/zMxu3sPfWU
— RT Última Hora (@RTultimahora) January 7, 2026
Según el USGS, el sismo, que inicialmente fue reportado con una magnitud de 6,7, ocurrió a una profundidad de 58,5 kilómetros y tuvo su epicentro a unos 27 kilómetros al este de la ciudad de… pic.twitter.com/ILVJCzHAly
PHIVOLCS ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं और भूकंप के केंद्र के आसपास के इलाकों में नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, भूकंप के तुरंत बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान या घायल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि फिलीपींस में हाल के महीनों में कई बार भूकंप आ चुके हैं। 22 दिसंबर 2025 को भी फिलीपींस के पास समुद्री इलाके में 5.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वहीं, अक्टूबर 2025 में मध्य फिलीपींस में आए 6.9 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी और कई लोगों की जान गई थी।
फिलीपींस दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील देशों में शामिल है क्योंकि यह ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। यह क्षेत्र लगातार टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से प्रभावित रहता है, जिससे भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलीपींस में भूकंपीय गतिविधियों की मुख्य वजह फिलीपीन सी प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव है। पूर्व में फिलीपीन सी प्लेट, फिलीपीन ट्रेंच के साथ नीचे की ओर धंसती है, जबकि पश्चिम में यूरेशियन (सुंडा) प्लेट मनीला और नेग्रोस ट्रेंच के नीचे धंसती है। इस ‘डबल सबडक्शन’ की स्थिति के कारण देश में भारी भूगर्भीय दबाव बनता है, जिससे भूकंप का खतरा लगातार बना रहता है।
