मौत के आंसू! आंखों से खून निकलने के बाद लड़की ने तोड़ा दम, जानें यह दुर्लभ बीमारी क्यों है इतनी जानलेवा?

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 09:16 AM (IST)

Sophie Ward Meningitis B Death : एक चमकती-दमकती आर्ट स्टूडेंट सोफी वार्ड की अचानक हुई मौत ने चिकित्सा जगत और आम लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है। सोफी को शुरुआती लक्षण मामूली बुखार और सिरदर्द जैसे लगे लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी आंखों से खून बहने लगा और इससे पहले कि डॉक्टर कुछ समझ पाते, उसने दम तोड़ दिया। जांच में पता चला कि वह 'मेनिन्जाइटिस बी' नाम के खतरनाक बैक्टीरियल इंफेक्शन का शिकार थी।

मामला क्या है?

एक रिपोर्ट के मुताबिक सोफी को अचानक तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, रोशनी से चिड़चिड़ाहट (Photophobia) और भारी थकान महसूस हुई। परिवार उसे अस्पताल ले गया लेकिन डॉक्टरों ने इसे सामान्य 'वायरल इंफेक्शन' बताकर घर भेज दिया। रात भर में सोफी की हालत इतनी बिगड़ी कि अगली सुबह जब उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया तब तक उसके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

क्या है मेनिन्जाइटिस बी? 

यह एक अत्यंत गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली सुरक्षात्मक झिल्ली (Membrane) में सूजन पैदा कर देता है। यह बीमारी इतनी घातक है कि संक्रमण के कुछ ही घंटों के भीतर यह जानलेवा साबित हो सकती है। इसके शुरुआती लक्षण फ्लू या सामान्य बुखार जैसे होते हैं इसलिए अक्सर लोग और डॉक्टर भी इसे पहचानने में चूक कर देते हैं।

यह भी पढ़ें: Bus Accident: दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर के पास पलटी यात्रियों से भरी बस! 25 घायल, मचा हड़कंप

खतरनाक लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार मेनिन्जाइटिस बी के लक्षणों को पहचानना ही बचाव की पहली कड़ी है:

  1. तेज सिरदर्द और गर्दन में अकड़न।

  2. तेज बुखार के साथ उल्टियां होना।

  3. रोशनी की तरफ देखने में परेशानी होना।

  4. त्वचा पर गहरे लाल या बैंगनी रंग के चकत्ते (Rashes) पड़ना।

  5. गंभीर स्थिति में आंखों या शरीर के अन्य हिस्सों से ब्लीडिंग होना।

कहां हुई चूक? 

सोफी के मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि अस्पताल में उसका 'लंबर पंक्चर' (Lumbar Puncture) टेस्ट नहीं किया गया। यह एक ऐसा टेस्ट है जिससे मेनिन्जाइटिस की सटीक पुष्टि होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सही जांच और एंटीबायोटिक्स मिल जाते तो सोफी आज जिंदा होती।

यह भी पढ़ें: AIMIM नेताओं पर गिरी गाज! एनकाउंटर वाले बयान पर मेरठ में 3 गिरफ्तार

वैक्सीन की मांग और सुरक्षा

इस घटना के बाद सोफी के परिवार ने सरकार से अपील की है कि मेनिन्जाइटिस बी का टीका (Vaccine) केवल बच्चों तक सीमित न रखकर युवाओं के लिए भी अनिवार्य किया जाए। फिलहाल कई देशों में यह टीका केवल शिशुओं को दिया जाता है जिससे टीनएजर्स और युवा असुरक्षित रह जाते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News