इजराइल ने दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड को बनाया निशाना : तेल-गैस की कीमतों में लगी आग, भारत पर कितना होगा असर?
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 11:53 PM (IST)
नेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड South Pars Gas Field पर बड़ा हमला किया है। इस हमले के बाद हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं और इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है।
हमले के बाद तेल-गैस की कीमतों में जोरदार उछाल
हमले के बाद कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह एक दिन में 5% से ज्यादा की बढ़ोतरी है। ब्रिटेन का गैस प्राइस भी बढ़कर 143.53 पेंस प्रति थर्म तक पहुंच गया। ईरान की सरकारी एजेंसी Tasnim News Agency ने हमले की पुष्टि की, जिसके बाद बाजार में हड़कंप मच गया।
NEW - Fires rage at the world's largest natural gas field South Pars, Iran, struck by Israeli-American forces, multiple phases of processing capacity critically hit and taken offline. pic.twitter.com/12MjBkM89b
— Disclose.tv (@disclosetv) March 18, 2026
कहां हुआ हमला?
हमला ईरान के असालुयेह (बुशेहर प्रांत) के बड़े ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ। पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, पाइपलाइन और प्रोसेसिंग यूनिट्स को निशाना बनाया गया। कई जगह विस्फोट और आग लगने की खबर है। लेकिन नुकसान कितना हुआ है, इसका पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया।
ईरान की बड़ी धमकी
हमले के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी देशों के बड़े ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर सकता है। जैसे सऊदी अरब की SAMREF रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल प्लांट, संयुक्त अरब अमीरात का अल होसन गैस फील्ड और कतर की रास लाफान और मेसईद रिफाइनरी को।
इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा खतरा
साउथ पार्स गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार है। यह North Dome–South Pars Reservoir का हिस्सा है। यहां से हर साल अरबों क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन होता है। इस फील्ड में रुकावट का मतलब है ग्लोबल गैस सप्लाई प्रभावित, LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की कमी। साथ ही ऊर्जा संकट और गहराना।
सप्लाई चेन पर असर
-
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोसेसिंग यूनिट्स में आग लगने से उत्पादन प्रभावित हुआ है
-
आपातकालीन टीमें आग बुझाने में लगी हैं
-
बाजार में फिलहाल डर और अनिश्चितता के कारण कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं
भारत पर कितना असर पड़ेगा?
भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है:
1. LNG सप्लाई पर असर
भारत LNG के लिए काफी हद तक कतर पर निर्भर है। कतर दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक है। हालिया हमलों से ग्लोबल LNG सप्लाई का करीब 20% प्रभावित हुआ है।
2. आयात पर बढ़ेगा खर्च
भारत हर साल 1.4 करोड़ टन से ज्यादा LNG आयात करता है। LPG का 80-85% खाड़ी देशों से आता है।
3. तेल-गैस महंगे होंगे
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ सकती है। साथ ही गैस सिलेंडर (LPG/PNG) महंगे हो सकते हैं।
4. महंगाई बढ़ने का खतरा
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स महंगे होंगे और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
क्यों तेजी से बढ़ रही हैं कीमतें?
-
युद्ध और हमलों से सप्लाई बाधित होने का डर
-
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव (जहां से दुनिया का बड़ा तेल गुजरता है)
-
बाजार पहले जोखिम को देखते हुए कीमतें बढ़ा देता है
आगे क्या हो सकता है?
अगर हमले जारी रहते हैं, तो ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। भारत जैसे आयातक देशों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ सकता है।
