ट्रम्प की ईरान को खुली धमकी: प्रदर्शनकारियों पर जुल्म किया तो अमेरिका देगा कड़ा जवाब, भुगतोगे बुरा अंजाम
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 12:29 PM (IST)
International Desk: इरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, मुद्रा रियाल की गिरती कीमत और भ्रष्टाचार के आरोपों से जनता में गुस्सा लंबे समय से सुलग रहा था, जो अब खुलकर सड़कों पर दिख रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इरानी सरकार ने देशभर में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, मैसेजिंग ऐप्स और अंतरराष्ट्रीय संपर्क बाधित होने से आम नागरिकों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह कदम विरोध की आवाज़ दबाने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को छिपाने के लिए उठाया गया है।
Trump:
— Defense News (@defensesignal) January 9, 2026
“Iran is in big trouble (…) People are taking over certain cities that nobody thought were possible just weeks ago (…) I made a statement very strongly that if they start killing people like they have in the past, we’ll get involved & will be m hitting them very hard” pic.twitter.com/hyaa0pSBMo
प्रदर्शन तेहरान, मशहद, इस्फहान, शिराज, तबरीज़ और कराज जैसे बड़े शहरों तक फैल चुके हैं। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। अधिकार समूहों के अनुसार दर्जनों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि सरकारी स्तर पर हताहतों के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि “देश में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों, विशेषकर अमेरिका और उसके सहयोगियों का हाथ है।इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान को खुली चेतावनी दी है।
ट्रम्प ने कहा कि यदि इरानी सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई या अत्यधिक बल प्रयोग किया, तो अमेरिका “चुप नहीं बैठेगा।” उन्होंने कहा, “इरान बहुत नाज़ुक स्थिति में है। वहां के लोगों के साथ बर्बरता हुई तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।”ट्रम्प के बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक योजना नहीं है, लेकिन हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई मानवाधिकार संगठनों ने इरान से इंटरनेट बहाल करने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने और बल प्रयोग से बचने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि बातचीत और सुधार ही संकट का स्थायी समाधान हो सकते हैं।
