US : भारतीय मूल की डॉक्टर का खौफनाक 911 कॉल, बेटी की मौत के बाद पुलिस को किया फोन, जानें पूरा मामला
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 01:03 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका में भारतीय मूल की एक डॉक्टर से जुड़ा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। फ्लोरिडा में चार साल की बच्ची की मौत के कई महीनों बाद अब अमेरिकी अधिकारियों ने उस 911 कॉल को सार्वजनिक किया है, जो बच्ची की मां ने घटना के वक्त किया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कॉल बच्ची की मौत को छिपाने के लिए रचा गया नाटक था।
आरोपी डॉक्टर का नाम डॉ. नेहा गुप्ता है। वह पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं और ओक्लाहोमा में रहती थीं। जून 2025 में वह अपनी चार साल की बेटी आरिया तलाठी के साथ मियामी (फ्लोरिडा) घूमने गई थीं। दोनों एक शॉर्ट-टर्म रेंटल होम में ठहरी थीं, जहां यह घटना हुई।
मां का दावा: रात में पूल में गिर गई बच्ची
मियामी-डेड शेरिफ कार्यालय के मुताबिक, 37 साल की नेहा गुप्ता ने जांचकर्ताओं को बताया कि आधी रात को उनकी बेटी घर से बाहर निकल गई और स्विमिंग पूल में गिर गई। नेहा का कहना था कि वह सो रही थीं, तभी किसी आवाज से उनकी नींद खुली और उन्होंने बच्ची को पूल में देखा।
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PEDIATRA ACUSADA POR MUERTE DE SU HIJA EN PISCINA
Las cámaras de seguridad captaron a la madre y la niña en la vivienda de alquiler antes del hallazgo en la piscina.
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Neha Gupta pediatra de Oklahoma… pic.twitter.com/ol8cVhh9BR
911 कॉल में क्या बोली डॉक्टर नेहा?
अधिकारियों द्वारा जारी की गई 911 रिकॉर्डिंग में नेहा गुप्ता कहती सुनाई देती हैं, “वह पूल में थी… मैंने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मुझे तैरना नहीं आता। मैंने उसे बाहर निकालने की कोशिश की।” वह डिस्पैचर से कहती हैं कि घर में सिर्फ वही और उनकी बेटी थीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या बच्ची होश में है, तो उन्होंने कहा, “नहीं… वह पूल के नीचे है, हिल नहीं रही।” डिस्पैचर ने बार-बार नेहा से कहा कि किसी भी तरह बच्ची को पानी से बाहर निकालें, लेकिन नेहा बार-बार यही पूछती रहीं कि एम्बुलेंस कब पहुंचेगी।
मदद की जगह सवाल, पुलिस ने खुद निकाला बच्ची को बाहर
डिस्पैचर ने उनसे पूल की गहराई के बारे में पूछा। इस पर नेहा ने कहा, “शायद नौ फीट है, मुझे ठीक से नहीं पता।” कुछ ही देर बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो नेहा दरवाजा खोलने चली गईं। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने खुद बच्ची को पूल से बाहर निकाला।
पोस्टमार्टम ने खोली पूरी सच्चाई
नेहा गुप्ता ने पैरामेडिक्स को बताया कि उन्हें नहीं पता बच्ची कितनी देर पूल में रही, अंदाजा लगाया कि करीब 20 मिनट। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी कहानी को पूरी तरह झूठा साबित कर दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची के फेफड़ों और पेट में पानी नहीं था, इसका मतलब बच्ची की मौत पूल में डाले जाने से पहले ही हो चुकी थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि बच्ची की दम घोंटकर हत्या (Smothering) की गई और बाद में उसे पूल में डाला गया।
गिरफ्तारी, जमानत नहीं
इन सब सबूतों के बाद डॉ. नेहा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें जमानत नहीं मिली और वह अब भी जेल में हैं। हालांकि नेहा और उनके वकील लगातार कह रहे हैं कि आरिया की मौत एक हादसा थी। नेहा गुप्ता की अगली कोर्ट पेशी मई में होनी है।
पहले से चल रहा था कस्टडी विवाद
जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले आरिया के पिता ने पूरा कस्टडी लेने की अर्जी दी थी। उन्होंने कोर्ट और पुलिस को बताया था कि उन्हें नेहा की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता थी। पिता ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी को फ्लोरिडा ले जाया गया है।
