एचआईवी इलाज की दिशा में अहम कदम, लैब में इम्यून सेल्स से हटाया गया HIV!

punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 11:22 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने प्रयोगशाला में जीन-संपादन (Gene Editing) तकनीक की मदद से मानव शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाओं (इम्यून सेल्स) से एचआईवी वायरस को सफलतापूर्वक हटा दिया है। यह शोध अभी लैब स्तर पर किया गया है, लेकिन इसे एचआईवी के इलाज की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) वह वायरस है जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। यह खास तौर पर टी-सेल्स नाम की इम्यून कोशिकाओं पर हमला करता है। अब तक एचआईवी का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है। मरीजों को एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के जरिए वायरस को नियंत्रित रखना पड़ता है, लेकिन वायरस शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं होता।

इस नए शोध में वैज्ञानिकों ने जीन-एडिटिंग टूल्स का उपयोग किया, जिनकी मदद से वायरस के डीएनए को संक्रमित कोशिकाओं से काटकर अलग किया गया। आसान शब्दों में कहें तो वैज्ञानिकों ने उन कोशिकाओं को “साफ” करने की कोशिश की, जिनमें एचआईवी छिपा हुआ था।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में ऐसे इलाज का रास्ता खोल सकती है, जिससे एचआईवी को जड़ से खत्म किया जा सके। हालांकि अभी यह प्रक्रिया केवल प्रयोगशाला में सफल हुई है। इसे इंसानों पर सुरक्षित और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए और कई चरणों के परीक्षण (क्लिनिकल ट्रायल) जरूरी होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आगे के परीक्षण सफल रहते हैं, तो यह एचआईवी के स्थायी इलाज (क्योर) की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो सकती है। फिलहाल वैज्ञानिक इस तकनीक को और बेहतर और सुरक्षित बनाने पर काम कर रहे हैं।


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Content Writer

Pardeep

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