इतनी हुई उम्र तो Eye Test है जरूरी! वरना सरकार नहीं चलाने देगी आपकी गाड़ी, जानें क्यों?
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 02:57 PM (IST)
Eye Test: ब्रिटेन सरकार सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए ड्राइविंग नियमों में ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब 70 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग ड्राइवरों के लिए अपना ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराते समय आंखों की जांच (Eye Test) कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई ड्राइवर इस टेस्ट को पास नहीं कर पाता या जांच कराने से इनकार करता है तो उसके गाड़ी चलाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी।
क्यों पड़ी नए कानून की जरूरत?
ब्रिटेन में वर्तमान में लागू व्यवस्था सेल्फ-रिपोर्टिंग पर आधारित है। इसका मतलब है कि 70 साल से ऊपर के ड्राइवरों को खुद ही यह बताना होता है कि उनकी नजर गाड़ी चलाने के लिए ठीक है या नहीं। सरकार का मानना है कि यह सिस्टम लोगों की जान बचाने में विफल रहा है।
आंकड़े जो चिंता बढ़ाते हैं:
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24% मौतें: साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों में जान गंवाने वाले ड्राइवरों में से 24 प्रतिशत की उम्र 70 वर्ष से ज्यादा थी।
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12% शिकार: कुल सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों में 12 प्रतिशत बुजुर्ग ड्राइवर शामिल थे।
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नियमों की अनदेखी: एक सर्वे में सामने आया कि 56% नेत्र विशेषज्ञों (Optometrists) ने पिछले एक महीने में ऐसे मरीज देखे जो नजर कमजोर होने के बावजूद ड्राइविंग कर रहे थे। वहीं 14% लोगों ने माना कि उनके रिश्तेदार आंखों की समस्या के बावजूद कानून तोड़ रहे हैं।
क्या होगा नया नियम?
ब्रिटेन में अभी 70 साल की उम्र के बाद हर तीन साल में लाइसेंस रिन्यू कराना पड़ता है। नए प्रस्ताव के तहत:
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कम्पल्सरी आई टेस्ट: लाइसेंस रिन्यूअल को अनिवार्य आंखों की जांच से जोड़ दिया जाएगा।
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लाइसेंस रद्द: बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा।
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अनफिट ड्राइवरों पर नजर: जो लोग पहले ही अनफिट घोषित किए जा चुके हैं लेकिन फिर भी गाड़ी चला रहे हैं उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
भारत में ड्राइविंग लाइसेंस के क्या हैं नियम?
भारत में भी बढ़ती उम्र के साथ ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में सख्ती बरती जाती है:
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मेडिकल सर्टिफिकेट: भारत के नियमों के अनुसार 50 वर्ष से अधिक आयु के आवेदकों को लाइसेंस रिन्यू कराते समय अनिवार्य रूप से चिकित्सा प्रमाण पत्र (Medical Certificate) देना होता है।
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शारीरिक स्वास्थ्य: आवेदक का शारीरिक और मानसिक रूप से वाहन चलाने के लिए पूरी तरह स्वस्थ होना अनिवार्य है। बिना वैध लाइसेंस या अनफिट पाए जाने पर गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माने और सजा का प्रावधान है।



