यूरोप में आग उगल रहा मौसमः भीषण हीटवेव की चपेट में 800 से ज्यादा शहर, फ्रांस में 40 लोगों की मौत
punjabkesari.in Sunday, Jun 28, 2026 - 12:13 PM (IST)
International Desk: यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस, स्पेन, इटली, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, पोलैंड, क्रोएशिया और हंगरी सहित कई देशों में तापमान ने जून के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार की रिकॉर्ड गर्मी के पीछे मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन (Climate Change) है। उनके अनुसार, अल-नीनो का कुछ प्रभाव जरूर है, लेकिन वर्तमान हीटवेव के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान की है। वैज्ञानिकों ने यूरोप के 800 से अधिक शहरों के मौसम संबंधी आंकड़ों का अध्ययन किया। इनमें लगभग 45 प्रतिशत शहरों में जून के अंतिम दिनों में अत्यधिक गर्मी दर्ज की गई या उसके दर्ज होने की संभावना जताई गई। फ्रांस के कई इलाकों में एक सप्ताह से अधिक समय तक रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा, जबकि कुछ स्थानों पर रात में भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया।
कई देशों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
- फ्रांस के आधे से अधिक हिस्से में रेड हीट अलर्ट जारी किया गया है।
- नीदरलैंड्स के कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट लागू है।
- जर्मनी में सप्ताहांत तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
- पोलैंड, क्रोएशिया और हंगरी में भी गंभीर गर्मी की चेतावनी जारी की गई है।
फ्रांस में 40 मौतें, बिजली और स्कूल प्रभावित
फ्रांस में पिछले सप्ताह से हीटवेव से जुड़ी घटनाओं में 40 लोगों की मौत की सूचना है। वहीं ब्रिटेन में तेज गर्मी के कारण कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और कई स्कूलों को बंद करना पड़ा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल-नीनो दुनिया के कई हिस्सों में तापमान बढ़ाने में भूमिका निभाता है, लेकिन इस बार यूरोप की रिकॉर्ड गर्मी का मुख्य कारण नहीं है। उनका कहना है कि कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों ने पृथ्वी का औसत तापमान औद्योगिक युग से पहले की तुलना में लगभग 1.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 2022 में यूरोप में भीषण गर्मी के कारण 60,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, इसलिए मौजूदा स्थिति को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
ट्रैफिक लाइटें पिघलने का दावा झूठा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इटली और जर्मनी में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के कारण ट्रैफिक लाइटें पिघलने लगी हैं। लेकिन इस दावे पर भ्रांति बनी हुई है। यह सच है कि यूरोप में इस समय भीषण हीटवेव (Heatwave) चल रही है।इटली, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस और अन्य देशों में कई स्थानों पर तापमान 40°C या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। इस भीषण गर्मी के कारण सड़कें नरम पड़ने, रेल सेवाओं में बाधा, जंगलों में आग और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियां जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
🚨 ¡Literalmente se está derritiendo Europa! 🚨
— La Hora (@LaHoraMX) June 27, 2026
Con olas de calor que ya rozan los 40 y 45 °C, los semáforos en Italia y Alemania no han aguantado la presión y han comenzado a derretirse. 🌡️🫠
Si pensabas que el verano en tu ciudad estaba pesado, mira esto. ¿Cómo está el clima… pic.twitter.com/OR1wxrWeZl
लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही 'पिघली हुई ट्रैफिक लाइट' की तस्वीरें इस हीटवेव की नहीं हैं। फैक्ट-चेक में पता चला कि यह तस्वीर जुलाई 2022 में इटली के मिलान (Milan) की है। उस समय स्थानीय अधिकारियों ने बताया था कि ट्रैफिक लाइट भीषण गर्मी से नहीं, बल्कि उसके नीचे एक स्कूटर में लगी आग की वजह से क्षतिग्रस्त हुई थी। बाद के वर्षों में यही तस्वीर अलग-अलग देशों और नई हीटवेव के नाम पर बार-बार सोशल मीडिया पर वायरल की जाती रही।
