उ.कोरिया में जिनपिंग का ऐतिहासिक भव्य स्वागत; वीडियो देख दुनिया की आंखें रह गई फटी, अमेरिका के लिए खतरे की घंटी
punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 03:35 PM (IST)
International Desk: उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। सात वर्षों बाद हो रहे इस दुर्लभ दौरे को एशिया की राजनीति और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) और उनकी पत्नी Ri Sol Ju ने प्योंगयांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी Peng Liyuan का गर्मजोशी से स्वागत किया।
WATCH: Warm welcome of Chinese President in North Korea as Xi arrives for rare visit to meet Kim Jong Un pic.twitter.com/MN3euCevLF
— Insider Paper (@TheInsiderPaper) June 8, 2026
हवाई अड्डे से निकलने के बाद जिनपिंग प्योंगयांग के मुख्य चौक पहुंचे, जहां उन्हें सैन्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। हजारों नागरिक सड़कों और चौक पर एकत्र हुए और दोनों देशों की मित्रता के समर्थन में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे इलाके को चीन और उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय झंडों, दोनों नेताओं के विशाल चित्रों और "मित्रता एवं एकता" के संदेश देने वाले बैनरों से सजाया गया था। बच्चों ने गुब्बारे लहराकर स्वागत किया, जिससे माहौल उत्सव जैसा दिखाई दिया।
Xi Jinping, general secretary of the Communist Party of China Central Committee and Chinese president, arrived in Pyongyang on Monday for a state visit to the Democratic People's Republic of Korea (DPRK).
Kim Jong Un, general secretary of the Workers' Party of Korea and… pic.twitter.com/mGjFclDX8i
— China News 中国新闻网 (@Echinanews) June 8, 2026
यह यात्रा 2019 के बाद शी जिनपिंग की पहली उत्तर कोरिया यात्रा है। पिछले सात वर्षों में वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव आए हैं। इस दौरान उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने संबंध मजबूत किए हैं, जबकि चीन और अमेरिका के बीच प्रतिस्पर्धा और तनाव भी बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में शी का प्योंगयांग दौरा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है। हालांकि दोनों नेताओं की बैठक का कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हो सकते हैं:
- चीन और उत्तर कोरिया के आर्थिक सहयोग को बढ़ाना
- क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य सहयोग
- कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति
- अमेरिका और उसके सहयोगियों की नीतियों पर चर्चा
- रूस, चीन और उत्तर कोरिया के उभरते रणनीतिक समीकरण
अमेरिका के लिए सीधा संदेश
विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है। ऐसे समय में जब चीन और अमेरिका के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है, वहीं उत्तर कोरिया भी अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ टकराव की स्थिति में है। इसलिए किम और शी की मुलाकात को वॉशिंगटन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले वर्ष बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड के दौरान शी जिनपिंग और किम जोंग उन की मुलाकात हुई थी, जिसमें Vladimir Putin भी शामिल हुए थे। बता दें कि चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक और राजनीतिक सहयोगी रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ दूरी देखने को मिली थी। शी जिनपिंग की यह यात्रा इस पारंपरिक गठबंधन को फिर से मजबूत करने और नई रणनीतिक साझेदारी को आकार देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
