चीन की जनसंख्या नीति फिर सवालों में: कंडोम पर नया प्रयोग नाकाम, नहीं बढ़ेगी आबादी
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 06:33 PM (IST)
International Desk: कभी दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश रहा चीन अब तेजी से घटती जन्म दर की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। प्रति महिला बच्चों की संख्या लगभग 1.0 तक गिर चुकी है। इस गिरावट को रोकने के लिए चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने एक नया कदम उठाते हुए कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियों और अन्य गर्भनिरोधक साधनों पर 13 प्रतिशत मूल्य संवर्धित कर (वैट) लागू किया है, जो 1 जनवरी से प्रभावी हो गया है। हालांकि, टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी के जनसांख्यिकी विशेषज्ञ डुडले एल. पोस्टन जूनियर का कहना है कि यह कदम जन्म दर बढ़ाने में कोई ठोस असर नहीं डालेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग 40 वर्षों तक चीन की जनसांख्यिकी का अध्ययन किया है और इससे पहले भी सरकार द्वारा जोड़ों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए किए गए प्रयास असफल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कर केवल प्रतीकात्मक है। चीन में एक पैकेट कंडोम की औसत कीमत करीब 50 युआन और गर्भनिरोधक गोलियों की मासिक खुराक लगभग 130 युआन है। 13 प्रतिशत वैट लगने के बाद भी लोगों पर हर महीने कुछ ही डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके मुकाबले चीन में एक बच्चे को पालने की औसत लागत लगभग 5.38 लाख युआन है, जो शहरी इलाकों में और भी ज्यादा हो जाती है। यही वजह है कि अधिकांश परिवार बच्चों की संख्या बढ़ाने से हिचक रहे हैं।
एक 36 वर्षीय चीनी पिता ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि कंडोम की कीमत में 5 से 20 युआन की बढ़ोतरी कोई बड़ी बात नहीं है और यह पूरे साल में कुछ सौ युआन तक ही सीमित रहती है। गौरतलब है कि चीन सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय बाल देखभाल कार्यक्रम के लिए 90 अरब युआन का बजट भी आवंटित किया है, जिसके तहत तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आर्थिक प्रोत्साहन और कर नीति से चीन की गिरती जन्म दर को पलटना बेहद मुश्किल है।
