8 साल बाद चीन जाएंगे कनाडाई PM, HRW ने दी चेतावनी ! उइगर और हांगकांग मुद्दे उठाने का बनाया दबाव
punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 06:09 PM (IST)
International Desk: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के आगामी चीन दौरे (13 से 17 जनवरी 2026) से पहले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने उनसे अपील की है कि वे इस यात्रा में मानवाधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। यह दौरा पिछले आठ वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की चीन की पहली यात्रा होगी। ऐसे समय में यह दौरा हो रहा है जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं।
HRW के मुताबिक, 2018 से 2021 के बीच चीन द्वारा दो कनाडाई नागरिकों की हिरासत, जिसे कनाडा द्वारा हुआवेई की एक शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी के जवाब में की गई कार्रवाई माना गया, ने द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया। HRW की डिप्टी एशिया डायरेक्टर माया वांग ने कहा कि चीन में बढ़ता दमन सिर्फ वहां के नागरिकों के अधिकारों के लिए ही नहीं, बल्कि कनाडा के मूल हितों और मूल्यों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापार और सुरक्षा पर बातचीत को कनाडा की मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं से अलग नहीं किया जाना चाहिए।
HRW ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
जबरन श्रम (Forced Labour)
HRW ने कहा कि चीन, विशेषकर शिनजियांग में उइगर और अन्य तुर्किक मुस्लिम समुदायों से जुड़े जबरन श्रम के पुख्ता सबूत वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़े हैं। कनाडाई कानून जबरन श्रम से बने सामान के आयात पर रोक लगाता है।
शिनजियांग में मानवता के खिलाफ अपराध
संयुक्त राष्ट्र और कई अधिकार समूह पहले ही शिनजियांग में मानवता के खिलाफ अपराध की बात कह चुके हैं। HRW ने कार्नी से आग्रह किया कि वे चीन पर दमन खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय श्रम संधियों का पालन करने का दबाव बनाएं।
हांगकांग में अधिकारों का हनन
HRW ने बताया कि हांगकांग में करीब 3 लाख कनाडाई नागरिक रहते हैं, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत मौलिक स्वतंत्रताएं बुरी तरह सीमित कर दी गई हैं। दिसंबर 2025 में मीडिया उद्यमी जिमी लाई की सजा का हवाला देते हुए HRW ने उनकी रिहाई की मांग उठाने को कहा।
विदेशों में आलोचकों को निशाना बनाना
संगठन ने चीन पर ट्रांसनेशनल रेप्रेशन यानी विदेशों में रह रहे आलोचकों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि कनाडा में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।
यूक्रेन युद्ध और ड्रोन सप्लाई
HRW ने चीन-निर्मित ड्रोन के रूस को निर्यात पर भी चिंता जताई, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन में नागरिकों पर हमलों में होने का आरोप है। HRW ने कहा कि यह दौरा प्रधानमंत्री कार्नी के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर है और उन्हें इसे केवल व्यापारिक बातचीत तक सीमित नहीं रखना चाहिए। संगठन के मुताबिक, “चीन सरकार के अत्याचारों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है—और इस दौरे में मानवाधिकारों को उठाना अनिवार्य है।”
