UK का समंदर में हाई-वोल्टेज ऑपरेशन: ब्रिटिश कमांडो ने पहली बार रूसी तेल टैंकर पर किया कब्जा
punjabkesari.in Sunday, Jun 14, 2026 - 03:42 PM (IST)
London: यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव के बीच ब्रिटेन ने रूस के कथित "शैडो फ्लीट" के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ब्रिटिश अधिकारियों ने इंग्लिश चैनल में एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को रोककर उस पर छापा मारा और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अपनी तरह का पहला ब्रिटिश नेतृत्व वाला अभियान था, जिसका उद्देश्य रूस के उस समुद्री नेटवर्क को निशाना बनाना है, जिस पर पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल निर्यात करने के आरोप लगते रहे हैं।
कमांडो ने जहाज पर किया कब्जा
ब्रिटिश अधिकारियों के मुताबिक, SMYRTOS नामक तेल टैंकर को रोकने के लिए करीब छह घंटे लंबा अभियान चलाया गया। इस ऑपरेशन में ब्रिटिश सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर, युद्धपोत HMS Sutherland, रॉयल मरीन कमांडो और राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के विशेष प्रशिक्षित अधिकारियों को शामिल किया गया।ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय का दावा है कि जहाज पर कार्रवाई रूस के प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों के बावजूद सफलतापूर्वक की गई।
🚨 WATCH: The moment Royal Marines board a shadow Russian oil tanker in the English Channel pic.twitter.com/6uLGfcqsl8
— Politics UK (@PolitlcsUK) June 14, 2026
‘यूक्रेन युद्ध की फंडिंग पर चोट’
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री Dan Jarvis ने कहा कि रूस अपनी शैडो फ्लीट के जरिए यूक्रेन युद्ध के लिए धन जुटाता है और यह कार्रवाई उस वित्तीय नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान फ्रांस के साथ करीबी समन्वय में चलाया गया और इससे रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने में मदद मिलेगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इस कार्रवाई को रूस के लिए एक और बड़ा झटका बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो Vladimir Putin के युद्ध को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं कि वे दुनिया की नजरों से बच नहीं सकते।
क्या है रूस की ‘शैडो फ्लीट’?
रूस पर 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों ने कई आर्थिक और ऊर्जा प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद रूस पर पुराने टैंकरों और जटिल स्वामित्व संरचनाओं वाले जहाजों के जरिए तेल निर्यात जारी रखने के आरोप लगे। इन्हीं जहाजों के नेटवर्क को पश्चिमी देश "शैडो फ्लीट" कहते हैं। ब्रिटेन पहले ही ऐसे सैकड़ों जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है।ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम और फिनलैंड समेत कई यूरोपीय देशों ने हाल के महीनों में ऐसे जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की है।लंदन का आरोप है कि रूस से जुड़े कुछ जहाजों का इस्तेमाल बाल्टिक सागर में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट और बिजली केबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए भी किया गया।
‘हाइब्रिड वॉर’ का नया मोर्चा
यूरोपीय देशों और सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि रूस पारंपरिक युद्ध के साथ-साथ "हाइब्रिड वॉर" की रणनीति भी अपना रहा है, जिसमें साइबर हमले, समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और आर्थिक दबाव जैसी गतिविधियां शामिल हैं। ब्रिटेन ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही ऐसा नया कानून लाएगा, जिससे समुद्र के नीचे बिछी महत्वपूर्ण इंटरनेट और संचार केबलों को नुकसान पहुंचाने वाले देशों और संगठनों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। इंग्लिश चैनल में रूसी टैंकर को रोकने की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब रूस और नाटो देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक जहाज की जांच नहीं, बल्कि रूस की आर्थिक और सामरिक गतिविधियों पर पश्चिम के बढ़ते दबाव का संकेत है।
