अमेरिका ने फिर किए ईरान पर हवाई हमले, चाबहार और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में धमाके, तनाव बढ़ा

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 06:02 AM (IST)

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध की आग भड़क उठी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और ईरान के कई शहर धमाकों की गूंज से दहल गए हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भारतीय समयानुसार रात करीब 1.45 बजे इन हमलों की पुष्टि की। ईरान के चाबहार पोर्ट, अबू मूसा आइलैंड, बंदर अब्बास, सिरिक, बुशहर और कोनारक जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं हमले के बाद चाबहार में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है।

ट्रंप की चेतावनी:
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हुए बम हमलों का बदला है और दोबारा ऐसी हरकत होने पर अंजाम और भी बुरा होगा।

सुप्रीम लीडर की विदाई के दिन ही हमला
हैरानी की बात यह है कि ये हमले उस वक्त हुए हैं जब ईरान अपने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी कर रहा है। आज ही मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। हमले के तुरंत बाद ईरान ने कई इलाकों में अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है।

क्यों टूटा समझौता?
गौरतलब है कि 17 जून को दोनों देशों के बीच एक समझौता (MoU) हुआ था, जिससे शांति की उम्मीद जगी थी। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच वार्ता विफल रही और तनातनी फिर बढ़ गई। ट्रंप ने हमलों से पहले ही ऐलान कर दिया था कि ईरान के साथ उनका सीजफायर अब खत्म हो चुका है।

ईरान ने दी कड़ी सजा की धमकी
ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुरान की आयत साझा करते हुए कहा है कि ‘हमलावर दुश्मन और उसके साथियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी’। इससे पहले 8 जुलाई को भी दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें हुई थीं, जिसमें ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था।


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Pardeep

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