Online Shopping का लगा झटका! शख्स ने 34,000 की खरीदी जैकेट, 21,000 भरा टैक्स, जानें अब कैसे वापस मिलेंगे पैसे?
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 02:44 PM (IST)
USA Refund News: अमेरिका में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एलेक्स नाम के एक ग्राहक ने करीब ₹34,000 की जैकेट खरीदी, लेकिन डिलीवरी के समय उस पर लगभग ₹21,000 का अतिरिक्त टैक्स लगा दिया गया। आईए जानते है क्या है मामला?
दरअसल, अक्सर Online Shopping करते समय हम Discount देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी 'Extra Charge' जेब पर भारी पड़ जाता है। ऐसा ही कुछ अमेरिका के मैसाचुसेट्स में रहने वाले एलेक्स ग्रोसोमेनाइड्स के साथ हुआ, जिन्होंने एक जैकेट मंगवाई तो उन्हें उसकी कीमत से कहीं ज्यादा टैक्स भरना पड़ा। लेकिन अब एक अदालती फैसले ने करोड़ों लोगों की उम्मीदें जगा दी हैं।
क्या था पूरा विवाद?
एलेक्स ने पिछले साल फ्रांस की एक कंपनी से ऑनलाइन जैकेट ऑर्डर की थी। जब जैकेट अमेरिका पहुंची, तो उन्हें 248.04 डॉलर (करीब 21,000 रुपये) का अतिरिक्त टैक्स देना पड़ा। असल में वह जैकेट म्यांमार में बनी थी, और उस समय अमेरिका ने म्यांमार से आने वाले सामान पर 40% टैरिफ लगा रखा था।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
इस मामले को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट में लंबी लड़ाई चली। कोर्ट ने अंततः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा म्यांमार जैसे देशों पर लगाए गए इन भारी टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया। कोर्ट का मानना है कि ये टैक्स नियम विरुद्ध वसूले गए थे, इसलिए अब यह पैसा वापस किया जाना चाहिए।
इतिहास का सबसे बड़ा रिफंड
कितनी रकम वापस होगी: अमेरिकी सरकार को करीब 160 बिलियन डॉलर (लगभग 13 लाख करोड़ रुपये) रिफंड करने का आदेश दिया गया है।
किसे मिलेगा फायदा: इसका सीधा लाभ लगभग 3,30,000 इम्पोर्टर्स (आयातकों) को मिलेगा। रिफंड सिस्टम इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है। कस्टम अधिकारियों को 14 अप्रैल तक कोर्ट में प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करनी है।
आम ग्राहकों के लिए क्या है चुनौती?
भले ही कोर्ट ने रिफंड का आदेश दे दिया है, लेकिन एलेक्स जैसे आम ग्राहकों के लिए राह इतनी आसान नहीं है। दरअसल, सरकार यह पैसा सीधे ग्राहकों को नहीं, बल्कि DHL जैसी शिपिंग कंपनियों और इम्पोर्टर्स को लौटाएगी। अब सवाल यह है कि क्या ये कंपनियां ईमानदारी से वह पैसा आम ग्राहकों को वापस करेंगी या खुद रख लेंगी? इसी को लेकर कई ग्राहकों ने अब सामूहिक मुकदमे (Group Lawsuit) भी शुरू कर दिए हैं।
