भारत के लिए AI का मतलब 'ऑल इनक्लूसिव' है, VivaTech 2026 में PM मोदी ने डिजिटल लोकतंत्र पर रखी बात
punjabkesari.in Thursday, Jun 18, 2026 - 11:36 PM (IST)
पेरिस/बीजिंग: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय कंपनियों से कहा है कि भारत में दो लाख से ज्यादा स्टाटर्अप उनके साथ मिलकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करने को उत्सुक हैं। मोदी ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप कार्यक्रम वीवा टेक -26 में हिस्सा लिया।
प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्योगपतियों, स्टार्ट-अप, निवेशकों और‘बिजनेस लीडर'को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित एआई और नयी प्रौद्योगिकी के लिए भारत के विजन और उभरती प्रौद्योगिकी में भारत-फ्रांस सहयोग के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र ने भारत में बड़े बदलाव किए हैं - जैसे डिजिटल पेमेंट, एआई-आधारित कृषि विकास और अत्याधुनिक स्पेस एप्लीकेशन। मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय स्टार्ट-अप और नवाचार कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इनमें उद्योग , स्वास्थ्य, सततता और आवागमन के लिए नये समाधान लाने वाली कंपनियां शामि थी।
Glad to have addressed VivaTech 2026 in Paris. Talked about India’s remarkable strides in tech, innovation and StartUps. Highlighted how India is using tech to bring a positive difference in people’s lives.@VivaTech pic.twitter.com/Y06bIteiur
— Narendra Modi (@narendramodi) June 18, 2026
प्रधानमंत्री ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से‘इंडिया पैविलियन'में जाने का आग्रह करते हुए कहा, ' दो लाख से ज़्यादा स्टार्ट-अप के साथ, भारत दुनिया के सबसे जीवंत इको-सिस्टम में से एक है। यहां, आपको भारत की ज़बरदस्त ऊर्जा का अनुभव होगा। चाहे वह दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड रॉकेट इंजन हो, एडवांस्ड जेनेटिक-इंजीनियरिंग थेरेपी हो, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने वाले या साइबर और नेटवर्क सिक्योरिटी को बेहतर बनाने वाले एआई सॉल्यूशन हों, ऑटोनॉमस रोबोट, स्मार्ट सिटी और मोबिलिटी सॉल्यूशन हों। आप ये सब इंडिया पैविलियन में देखेंगे। अलग-अलग सेक्टर में, हमारे स्टार्ट-अप प्रेरणादायी तरीके से इनोवेशन कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के साथ साथ पहुंच भी मायने रखती है और इसमें तरक्की तभी हो सकती है जब वह सबके लिए सुलभ हो। भारत का मानना है कि बदलाव के इस दौर में, प्रौद्योगिकी का फ़ायदा सभी को मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा ,' भारत एक खुला समाज है और दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल है। हम नियमों को आसान बना रहे हैं और‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस'(व्यापार में आसानी) सुनिश्चित कर रहे हैं। इनोवेशन से लेकर कमर्शियलाइज़ेशन तक, हम 50 अरब डॉलर से ज़्यादा के टारगेटेड इंसेंटिव के ज़रिए प्राइवेट एंटरप्राइज़ को सपोर्ट कर रहे हैं। हम दुनिया का सबसे सस्ता डेटा और कम लागत वाली ग्रीन एनर्जी भी उपलब्ध करा रहे हैं।'
उन्होंने यूरोपीय कंपनियों का भारत के साथ मिलकर आगे बढने का आह्वान करते हुए कहा , ' हमारा नजरिया साफ है। हमारी सरकार सुविधाएं देगी और इंडस्ट्री इनोवेशन करेगी। स्टार्ट-अप बड़े बदलाव लाएंगे और ग्लोबल पाटर्नर हमारे साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। हम सब मिलकर पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से आगे बढ़ेंगे। मैं इस कमरे में मौजूद सभी लोगों से पहल करने का आह्वान करता हूं। भारत के साथ मिलकर काम करें और सबके लिए बेहतर परिणाम लाएं।'
भारत वीवा टेक में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है और इसमें भारत की यह अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ-टेक, क्लीन टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी, एडवांस्ड कंप्यूटिंग आदि क्षेत्रों में अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए पवेलियन बनाये गये हैं। इसमें 80 से अधिक भारतीय डीप-टेक कंपनियां और स्टार्ट-अप भाग ले रहे हैं।
