AI बना टेक कर्मचारियों का दुश्मन; लाखों प्रोग्रामरों पर लटकी छंटनी की तलवार, Alibaba से लेकर ByteDance तक...
punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 07:19 PM (IST)
Bejing: चीन में जिस टेक्नोलॉजी सेक्टर को सफल करियर और ऊंची कमाई का सबसे भरोसेमंद रास्ता माना जाता था, अब वही AI की वजह से बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से कोडिंग और दूसरे तकनीकी काम संभाल रहा है, जिससे कंपनियों को कम कर्मचारियों में ज्यादा काम करने की उम्मीद है। इसका असर अब चीन के प्रोग्रामरों और दूसरे हाई-स्किल कर्मचारियों की नौकरियों पर दिखाई देने लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में AI आधारित कोडिंग टूल्स के तेजी से इस्तेमाल ने सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कंपनियां अब ऐसे AI सिस्टम अपना रही हैं जो कोड लिखने से लेकर कई तरह के बौद्धिक काम को तेजी से पूरा कर सकते हैं। इसका सीधा असर यह हो सकता है कि भविष्य में कम प्रोग्रामर ज्यादा सॉफ्टवेयर तैयार कर सकें। ऐसे में कंपनियों को पहले की तुलना में ज्यादा संख्या में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जरूरत नहीं रह सकती।
चीन का टेक सेक्टर लंबे समय से अपनी कड़ी 996 वर्क कल्चर के लिए जाना जाता रहा है। इसका मतलब है सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक और सप्ताह में छह दिन काम करना। इस कठिन कार्य संस्कृति के बदले कर्मचारियों को अपेक्षाकृत अच्छी सैलरी और करियर ग्रोथ मिलती थी। टेक्नोलॉजी कंपनियां चीन के प्रमुख विश्वविद्यालयों से निकलने वाले युवाओं के लिए आकर्षक करियर विकल्प रही हैं। Tencent, Alibaba और ByteDance जैसी बड़ी कंपनियों ने लंबे समय तक लाखों युवाओं को टेक सेक्टर में करियर बनाने का मौका दिया। रिपोर्ट के अनुसार, अब छंटनी का असर केवल नए कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। 30 और 40 की उम्र के अनुभवी कर्मचारियों के सामने भी नौकरी बचाने की चुनौती बढ़ रही है। कंपनियां लागत कम करने और AI आधारित उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपने कर्मचारियों और काम करने के तरीके को दोबारा व्यवस्थित कर रही हैं।
रिपोर्ट में ऐसे कर्मचारियों के उदाहरण दिए गए हैं, जिन्होंने बड़ी टेक कंपनियों में वर्षों तक काम किया, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इनमें एक 45 वर्षीय कर्मचारी भी शामिल है, जिसने Alibaba में 22 साल तक काम किया था। AI के बढ़ते इस्तेमाल ने उन कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ा दी है, जिनके पास उच्च शिक्षा और बड़ी कंपनियों में काम करने का अनुभव है। रिपोर्ट में एक महिला प्रोग्रामर का उदाहरण दिया गया है, जिसके पास चीन की शीर्ष 985 यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री है। इसके बावजूद वह कथित तौर पर छह महीने से बेरोजगार है और करीब 2,400 डॉलर के मासिक होम लोन तथा घटती बचत का दबाव झेल रही है। AI टूल्स अब केवल सामान्य कोड लिखने तक सीमित नहीं हैं।
वे तेजी से जटिल प्रोग्रामिंग कार्यों में भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ऐसे प्रोजेक्ट जिन्हें पहले पूरा करने में कई सप्ताह या महीने लगते थे, उन्हें AI की मदद से काफी कम समय में पूरा किया जा सकता है। इससे कंपनियों की उत्पादकता बढ़ सकती है, लेकिन दूसरी तरफ कर्मचारियों की जरूरत कम होने की आशंका भी बढ़ रही है। चीन के टेक कर्मचारियों के लिए समस्या केवल नई नौकरी खोजने तक सीमित नहीं है। कई परिवारों ने टेक सेक्टर की अपेक्षाकृत स्थिर और अच्छी कमाई को ध्यान में रखकर घर खरीदे, बच्चों की शिक्षा की योजना बनाई और बड़े वित्तीय फैसले लिए। अब नौकरी की अनिश्चितता, होम लोन, बच्चों की पढ़ाई और संपत्ति की कीमतों में गिरावट जैसे दबाव उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
