श्रीलंका में सामूहिक कब्र की खुदाई में मिले 582 कंकाल, बच्चों के अवशेष भी, ... गृहयुद्ध से जुड़ा हो सकता है मामला

punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 08:42 PM (IST)

SriLankaCivilWar: श्रीलंका के जाफना के पास चेम्मानी इलाके में एक सामूहिक कब्रगाह की खुदाई के दौरान 582 कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है। बरामद अवशेषों में शिशुओं और बच्चों के कंकाल भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये अवशेष उन लोगों के हो सकते हैं जो श्रीलंका के गृहयुद्ध के दौरान लापता हुए थे। हालांकि, बरामद कंकालों की पहचान और मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। खुदाई के दौरान मानव अवशेषों के अलावा खिलौने, दूध की बोतलें, स्कूल बैग, जूते और चूड़ियां भी मिली हैं। एक कंकाल के दोनों हाथ छाती के पास बंधे हुए पाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

1998 से था सामूहिक कब्र का शक
चेम्मानी में सामूहिक कब्र होने का शक करीब 1998 से था। उस समय एक श्रीलंकाई सैनिक पर एक स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा चल रहा था। जांच के दौरान सैनिक ने दावा किया था कि सेना की हिरासत में रखे गए 300 से 400 तमिल लोगों की हत्या कर उन्हें चेम्मानी में दफनाया गया था। इसके बाद 1999 में खुदाई के आदेश दिए गए और 15 कंकाल बरामद किए गए थे। सरकारी जांच में इनमें से 10 कंकालों पर गंभीर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में जांच और खुदाई की प्रक्रिया रोक दी गई।

पिछले साल भी मिले थे 240 कंकाल
चेम्मानी में पिछले साल भी करीब 240 मानव कंकाल बरामद किए गए थे। ताजा खुदाई उस समय शुरू हुई जब निर्माण कार्य के दौरान एक हिंदू श्मशान स्थल के पास मानव अवशेष मिले। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका सरकार ने सामूहिक कब्र की खुदाई के लिए करीब 62 लाख रुपये की राशि आवंटित की है। अधिकारियों की निगरानी में खुदाई और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

26 साल चला था श्रीलंका का गृहयुद्ध
श्रीलंका में गृहयुद्ध की शुरुआत 1983 में सरकार और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के बीच संघर्ष से हुई थी। LTTE अलग तमिल राज्य की मांग कर रहा था। करीब 26 साल तक चले इस संघर्ष में एक लाख से अधिक लोगों के मारे जाने का अनुमान है। 2009 में श्रीलंकाई सेना ने LTTE को पराजित किया, जिसके बाद गृहयुद्ध समाप्त हो गया। युद्ध के दौरान बड़ी संख्या में लोग लापता हुए, जिनमें बड़ी संख्या तमिल समुदाय के लोगों की थी। श्रीलंकाई सुरक्षा बलों पर तमिल नागरिकों की हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगते रहे हैं। वहीं, LTTE पर भी हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं।

कंकाल मिलने से फिर उठे पुराने सवाल
चेम्मानी क्षेत्र 1995 से गृहयुद्ध की समाप्ति तक श्रीलंकाई सेना के नियंत्रण में था। लंबे समय से चली आ रही जांच और खुदाई में देरी के बीच अब बड़ी संख्या में मानव अवशेष मिलने से गृहयुद्ध के दौरान हुई घटनाओं और लापता लोगों के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन कंकालों की पहचान, उनकी मौत की परिस्थितियों और सामूहिक कब्र के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए वैज्ञानिक जांच और आधिकारिक जांच पूरी होना जरूरी है।


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Content Writer

Ramkesh

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