Thailand घूमने गए 3 भारतीयों को पाकिस्तानी गिरोह ने किया किडनैप, Flight में सवार होने का कर रहे थे इंतज़ार

punjabkesari.in Thursday, Jul 30, 2026 - 10:28 AM (IST)

थाईलैंड : थाईलैंड में सपनों की छुट्टी मनाने गए तीन भारतीय नागरिकों के लिए यह यात्रा एक बुरे सपने में बदल गई। उन्हें पटाया में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों के एक गिरोह ने कथित तौर पर एक हफ्ते से ज़्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा था जिन्हें सोमवार को बचाया लिया गया।

खबरों के मुताबिक इन लोगों को किडनैप करने से पहले कम कीमत वाले टूर पैकेज का लालच देकर देश बुलाया गया था। थाईलैंड के अखबार 'बैंकाक पोस्ट' के अनुसार गिरोह ने पीड़ितों को बार-बार प्रताड़ित किया और उनसे अपने परिवारों से फिरौती मांगने के लिए मजबूर किया। 

मंगलवार को 5 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया जब वे कथित तौर पर थाईलैंड से बाहर जाने वाली फ्लाइट में सवार होने का इंतज़ार कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए सभी लोग भारतीय नागरिक हैं जबकि इस अपराध में शामिल पाकिस्तानी संदिग्धों को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अवतार सिंह, जगजीत सिंह, रामबालक कुमार, सुखबीर सिंह और कुलरा सिंह के तौर पर हुई है। उन्हें बैंकाक के ख्लोंग टैन इलाके के एक होटल से पकड़ा गया।

रिपोर्ट के अनुसार 23 से 26 साल की उम्र के इन तीन पीड़ितों को थाई पुलिस ने 27 जुलाई (सोमवार) को पटाया के बैंग लमुंग ज़िले में एक दो मंज़िला घर से बचाया। जांचकर्ताओं ने अपहरणकर्ताओं का पता लगाकर इस जगह तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की थी। गिरोह ने कथित तौर पर इन लोगों को कम कीमत वाले सात दिन के टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड बुलाया था और फिर उनका अपहरण कर लिया था। उन्होंने कुल मिलाकर 2.4 मिलियन baht (यानी लगभग 70 लाख रुपये) की फिरौती की मांग की थी।

पुलिस ने बताया कि तीनों लोगों ने 21 जुलाई को बैंकाक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले पैकेज के लिए लगभग 70,000 baht (लगभग 2 लाख रुपये) का भुगतान किया था। इसके बाद वे कैब से पटाया गए और सुखुमवित हाईवे पर स्थित एक फास्ट -फूड रेस्टोरेंट में पहले से तय मीटिंग की जगह पर पहुंचे।

पुलिस को दिए गए पीड़ितों के बयानों के अनुसार वहां से एक भारतीय व्यक्ति कथित तौर पर उन्हें एक-एक करके मोटरसाइकिल पर बिठाकर किराए के घर ले गया जहां चार पाकिस्तानी नागरिकों और एक अन्य भारतीय साथी ने उन्हें काबू में कर लिया। पीड़ितों को रोज़ाना प्रताड़ित किया जाता था और फिरौती के लिए उल्टा लटकाया जाता था। जब सोमवार को पुलिस ने पटाया में अपहरणकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे घर पर छापा मारा, तो उन्हें तीन लोग दो बेडरूम में बंधे हुए मिले उनके हाथ, मुंह और पैर बंधे हुए थे। 

अधिकारियों ने उनके टखनों पर चोट के निशान भी देखे, जो कठोर चीज़ों से बार-बार पीटे जाने के कारण बने थे। रिपोर्ट के अनुसार, बचे हुए लोगों ने जांचकर्ताओं को बताया कि एक हफ्ते तक बंधक बनाए जाने के दौरान उन्हें रोज़ाना टॉर्चर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उल्टा लटकाया गया, टखनों पर पीटा गया, खाना और टॉयलेट की सुविधा नहीं दी गई और फिरौती की मांग के लिए भारत में अपने परिवारों को फोन करने के लिए मजबूर किया गया।

बाद में थाई पुलिस द्वारा बैंकाक पोस्ट को जारी की गई तस्वीरों में बचाए गए लोगों में से एक लाल रंग से सना हुआ दिखाई दिया। जांचकर्ताओं का कहना है कि किडनैपर्स ने फिरौती की मांग करते हुए रिश्तेदारों को किए गए वीडियो कॉल के दौरान बहुत ज़्यादा खून बहने का दिखावा करने के लिए इस रंग का इस्तेमाल किया था।

किडनैपर्स ने UAE में रजिस्टर्ड फोन नंबर का किया इस्तेमाल 

थाईलैंड में पुलिस ने यह रेस्क्यू ऑपरेशन तब शुरू किया जब भारत में मौजूद परिवार के सदस्यों ने मदद मांगी। चोन बुरी प्रांत के इमिग्रेशन चीफ, पुलिस कर्नल नपतपोंग कोसितसुरियामनी के अनुसार जांचकर्ताओं को पता चला कि गैंग ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रजिस्टर्ड फोन नंबर का इस्तेमाल किया था। इसके बावजूद जांचकर्ता उनके ठिकाने का पता लगाने में कामयाब रहे।

बैंकाक पोस्ट के अनुसार नपतपोंग ने कहा, पीड़ितों के रिश्तेदारों ने मदद के लिए थाई पुलिस को फोन किया। हालांकि पुलिस के घर पहुंचने से ठीक पहले संदिग्ध किडनैपर्स मोटरसाइकिल पर भागने में सफल रहे। अधिकारियों ने संदिग्धों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

पुलिस कर्नल नपतपोंग ने बैंकाक पोस्ट को बताया कि इस मामले से विदेशी यात्रियों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल नेटवर्क के बढ़ते तरीकों का पता चला है। उन्होंने कहा, इस मामले से पता चला कि स्कैमर्स पीड़ितों को 'सस्ते टूर पैकेज' का लालच देते थे और उनके पहुंचने के बाद उन्हें फिरौती के लिए बंधक बना लेते थे।

यह घटना थाईलैंड द्वारा भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-मुक्त एंट्री फिर से शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद हुई है। इस कदम का मकसद हाल ही में आई गिरावट के बाद भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या को फिर से बढ़ाना था। हालांकि अधिकारियों ने इस पॉलिसी में बदलाव को इस मामले से नहीं जोड़ा है लेकिन इस किडनैपिंग ने फर्ज़ी ट्रैवल ऑफर का इस्तेमाल करके अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को निशाना बनाने वाले स्कैम को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बैंकाक पोस्ट ने बाद में रिपोर्ट दी कि थाई पुलिस ने मंगलवार को पटाया में तीन भारतीयों की किडनैपिंग के सिलसिले में बैंकाक में 5 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया। बैंकाक पोस्ट द्वारा बताए गए पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार  किए गए पांचों लोगों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें एक पाकिस्तानी नागरिक ने तीन भारतीय लोगों को किडनैप करने का निर्देश दिया था। वे उस पाकिस्तानी नागरिक से लगभग एक महीने पहले एक चैट एप्लीकेशन के ज़रिए मिले थे।

जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि कथित मास्टरमाइंड दुबई से काम कर रहा था और क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर के ज़रिए फिरौती की रकम हासिल करने की योजना बना रहा था। पुलिस ने कहा कि भारतीय संदिग्धों को कथित तौर पर कीमती सामान, अगवा किए गए लोगों से छीना गया कैश और किडनैपिंग के बाद थाईलैंड से भागने के लिए फ्लाइट टिकट देने का वादा किया गया था।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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