अब तक 200 बागियों की मौत, आग और बारूद का साया... धमाकों से दहला बलूचिस्तान
punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 08:21 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्क : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात तेजी से बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से पूरा इलाका हिंसा, धमाकों और सैन्य कार्रवाई की चपेट में है। शनिवार को बलोच विद्रोहियों के हमलों से हिले पाकिस्तान ने अब बड़े पैमाने पर जवाबी अभियान छेड़ दिया है। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों का दावा है कि करीब 40 घंटे चले ऑपरेशन में 200 से ज्यादा विद्रोहियों को मार गिराया गया है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में मीडिया को बताया कि यह आंकड़ा अलग-अलग छापेमारी और व्यापक तलाशी अभियानों में मारे गए लोगों को मिलाकर तैयार किया गया है। उनके मुताबिक यह आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
कई जिलों में एक साथ हमला, भारी जानमाल का नुकसान
इससे पहले बलूच विद्रोहियों ने एक साथ कई जिलों को निशाना बनाया था। क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग और नोश्की में हुए हमलों में 17 सुरक्षाकर्मी और 31 आम नागरिक मारे गए थे. हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली थी। इसके बाद सेना, पुलिस और आतंकवाद-रोधी बलों ने पूरे प्रांत में संयुक्त अभियान शुरू कर दिया, जिसमें हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन और स्पेशल यूनिट्स तैनात की गईं।

बिना सबूत भारत पर आरोप, नई दिल्ली ने किया खंडन
हिंसा के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाए हैं। पाकिस्तानी सेना और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि इन हमलों के पीछे भारत का हाथ है, हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए।
भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं और नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए हर बार इसी तरह के आरोप लगाता है. उन्होंने कहा कि हिंसा की जड़ें बलूचिस्तान में लंबे समय से चली आ रही शिकायतों, दमन और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़ी हैं।

‘ऑपरेशन हेरॉफ’ का दूसरा चरण शुरू: BLA
इसी बीच BLA ने हिंसा और तेज करने का संकेत दिया है। संगठन ने ऐलान किया है कि उसने ‘ऑपरेशन हेरॉफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है, जिसमें सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाएगा। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच के नाम से जारी बयान में दावा किया गया कि विद्रोहियों ने नोश्की में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। इसके अलावा फ्रंटियर कोर की एक यूनिट को भारी नुकसान पहुंचाने और कई पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया गया है।
संगठन ने यह भी कहा कि अन्य इलाकों में जिला जेल पर हमला कर कम से कम 30 कैदियों को छुड़ा लिया गया और बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद अपने कब्जे में लिया गया।

क्वेटा सुनसान, इंटरनेट बंद, यातायात ठप
रविवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। सुरक्षाबलों ने प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा. करीब एक दर्जन इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। पूरे बलूचिस्तान में मोबाइल इंटरनेट सेवा 24 घंटे से अधिक समय से बंद है।
सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित है और रेल सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। आम दिनों में चहल-पहल से भरा रहने वाला क्वेटा अब लगभग वीरान दिखाई दे रहा है. बाजार बंद हैं, मुख्य सड़कें खाली हैं और लोग डर के साये में घरों तक सीमित हैं।
