UPI यूजर्स के लिए जरूरी खबर: पैसे गलत अकाउंट में जाए तो कैसे पाएं वापस, जानें पूरी प्रक्रिया
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 02:36 PM (IST)
नेशनल डेस्क: डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ यूपीआई (UPI) आज भारत ही नहीं बल्कि कई देशों में तेजी से लोकप्रिय हो गया है। इसकी मदद से लोग तुरंत पैसे भेज और प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन जितनी आसानी से यह सिस्टम काम करता है, उतनी ही सावधानी इसकी जरूरत भी होती है। कई बार छोटी सी गलती की वजह से पैसा गलत अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है, और चूंकि यूपीआई ट्रांजैक्शन तुरंत और बिना बदलाव के होते हैं, इसलिए उन्हें वापस लेना आसान नहीं होता।
गलत ट्रांजैक्शन की सबसे बड़ी वजह
यूपीआई पेमेंट में अक्सर गलत UPI ID डालना, नंबर टाइप करते समय गलती होना या कॉन्टैक्ट लिस्ट से गलत व्यक्ति चुन लेना जैसी गलतियां हो जाती हैं। ऐसे मामलों में पैसे तुरंत ट्रांसफर हो जाते हैं और उन्हें रोकने या वापस लेने का कोई “अनडू” विकल्प नहीं होता।
सबसे पहले क्या करें?
अगर गलती से पैसा गलत खाते में चला जाए, तो सबसे पहले संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए। कई मामलों में लोग समझदारी दिखाते हुए पैसे वापस कर देते हैं, खासकर जब यह स्पष्ट रूप से एक गलती हो। लेकिन अगर सामने वाला व्यक्ति सहयोग नहीं करता, तो आगे की प्रक्रिया अपनानी जरूरी हो जाती है।
बैंक को तुरंत सूचना दें
जैसे ही गलती का पता चले, बिना देरी किए अपने बैंक या UPI ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करनी चाहिए। अधिकतर ऐप्स में ‘Report Issue’ या ‘Help’ का विकल्प मौजूद होता है। इसके अलावा BHIM ऐप या NPCI के आधिकारिक पोर्टल के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। इससे ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड बन जाता है, जो आगे काम आता है।
शिकायत को आगे बढ़ाने का विकल्प
अगर बैंक स्तर पर समाधान नहीं मिलता है, तो शिकायत को बैंक के ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम के तहत आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच करते हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि आपकी शिकायत सिर्फ एक स्तर पर न रुके।
RBI लोकपाल तक पहुंचने का विकल्प
अगर फिर भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो अंतिम विकल्प के रूप में RBI के बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) से संपर्क किया जा सकता है। यह एक स्वतंत्र व्यवस्था होती है, जो बैंक और ग्राहक के बीच विवादों को सुलझाने का काम करती है।
पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, सभी प्रयासों के बावजूद हर मामले में पैसा वापस मिलना जरूरी नहीं है। अगर पैसा पाने वाला व्यक्ति उसे लौटाने से इनकार कर दे और मामला धोखाधड़ी से जुड़ा न हो, तो बैंक सीधे तौर पर ट्रांजैक्शन रिवर्स नहीं कर सकता। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूपीआई का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना सबसे जरूरी है। पेमेंट करने से पहले UPI ID, नाम और रकम को अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। बड़ी रकम भेजने से पहले छोटी टेस्ट ट्रांजैक्शन करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी भविष्य में बड़े नुकसान से बचा सकती है।
