Mobile Battery Blast: खेलते-खेलते अचानक ब्लास्ट हुआ स्मार्टफोन! मासूम बच्चे ने गंवाया हाथ का अंगूठा, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ये गलती
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 05:51 PM (IST)
नेशनल डेस्क: स्मार्टफोन आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है, लेकिन इसके इस्तेमाल में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला Rewa से सामने आया है, जहां पुराने मोबाइल की बैटरी के साथ छेड़छाड़ करना दो भाइयों के लिए भारी पड़ गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैटरी अचानक फट गई, जिससे एक बच्चे का अंगूठा कट गया और उसकी चार उंगलियां भी बुरी तरह घायल हो गईं। इस घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि पुराने फोन या खराब बैटरी के साथ लापरवाही करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
समय के साथ खतरनाक हो सकती है पुरानी बैटरी
विशेषज्ञों के अनुसार स्मार्टफोन की बैटरी समय के साथ कमजोर और खराब होने लगती है। कई बार यह बैटरी फूल जाती है, लेकिन लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। फूली हुई बैटरी में ब्लास्ट होने का खतरा काफी ज्यादा होता है। अगर बैटरी ज्यादा गर्म हो जाए या उसमें तकनीकी खराबी आ जाए तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए पुरानी या खराब बैटरी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
केमिकल लीक से भी हो सकता है नुकसान
पुरानी बैटरियों में मौजूद केमिकल समय के साथ बाहर निकलने लगते हैं। अगर ये केमिकल त्वचा, कपड़ों या आंखों के संपर्क में आ जाएं तो गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती और वे खराब बैटरी को घर में ही संभालकर रख लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी बैटरी को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना या रीसायकल कराना ज्यादा सुरक्षित विकल्प होता है।
दबाव या छेड़छाड़ से हो सकता है धमाका
मोबाइल बैटरी पर ज्यादा दबाव पड़ना या उसे किसी नुकीली चीज से छेड़ना भी खतरनाक हो सकता है। कई लोग जिज्ञासा में बैटरी को दबाकर देखते हैं या उसे खोलने की कोशिश करते हैं। ऐसा करने से बैटरी के अंदर मौजूद ऊर्जा अचानक प्रतिक्रिया कर सकती है और बैटरी में विस्फोट हो सकता है। यही वजह है कि बैटरी को कभी भी दबाने, काटने या छेड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
लिथियम-आयन बैटरी होती है बेहद संवेदनशील
आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में Lithium‑ion battery का इस्तेमाल किया जाता है। यह बैटरी हल्की और ज्यादा पावर देने वाली होती है, लेकिन यह काफी संवेदनशील भी होती है। इसमें पॉजिटिव और नेगेटिव इलेक्ट्रोड होते हैं, जिनके बीच एक पतली सेपरेटर फिल्म लगी होती है। यह फिल्म दोनों इलेक्ट्रोड को अलग रखती है ताकि बैटरी सुरक्षित तरीके से काम कर सके।
सेपरेटर खराब होने पर बढ़ जाता है खतरा
अगर किसी वजह से बैटरी के अंदर लगी सेपरेटर फिल्म टूट जाए या हट जाए तो पॉजिटिव और नेगेटिव इलेक्ट्रोड सीधे संपर्क में आ सकते हैं। इसके बाद तेज केमिकल रिएक्शन शुरू हो जाता है, जिससे बैटरी में ब्लास्ट हो सकता है। कई बार बैटरी को दांतों से दबाने, उसे मोड़ने या उसमें नुकीली चीज घुसाने से भी यह सेपरेटर खराब हो सकता है।
पुरानी बैटरी को संभालकर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर घर में पुराना स्मार्टफोन या उसकी बैटरी पड़ी है तो उसे लंबे समय तक संभालकर रखना ठीक नहीं है। आजकल कई कंपनियां और स्टार्टअप पुराने फोन खरीदते या रीसायकल करते हैं, इसलिए उन्हें बेच देना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही बैटरी को धूप में छोड़ना या गर्म जगह पर रखना भी खतरनाक हो सकता है। सुरक्षा के लिए जरूरी है कि मोबाइल बैटरी के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचा जाए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
