Vikrant Rai: आजमगढ़ के गांव से मुंबई तक का सफर, अभिनेता के बाद अब फिल्म निर्माता बनने की तैयारी

punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 03:45 PM (IST)

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मुंबई में हर साल हजारों युवा आंखों में अभिनेता बनने का सपना लेकर पहुंचते हैं। इनमें से कुछ ही अपने संघर्ष, मेहनत और लगन के दम पर मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बना पाते हैं। अभिनेता विक्रांत राय भी ऐसे ही कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के अपनी राह बनाने का फैसला किया। उनके सफर में परिवार से मिले संस्कार, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण की अहम भूमिका रही है। अब अभिनय के साथ-साथ वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

आजमगढ़ के गांव से शुरू हुआ सफर
1 जनवरी 1993 को जन्मे विक्रांत राय उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज क्षेत्र के रौसर गांव से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा किसान थे और उनके पिता भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। ऐसे पारिवारिक माहौल में पले-बढ़े विक्रांत ने बचपन से ही सादगी, मेहनत और अनुशासन का महत्व समझा। उनका बचपन फिल्मी दुनिया की चमक-दमक से दूर बीता, लेकिन अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना उनके मन में था। मुंबई जैसे शहर में बिना किसी फिल्मी पहचान के अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता। इसके बावजूद विक्रांत ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए।

टीवी से फिल्मों तक बनाई पहचान
विक्रांत राय ने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की। हिंदी टेलीविजन के कई लोकप्रिय शोज में काम करते हुए उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई। टीवी पर काम करने के दौरान उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने और अभिनय की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। वह ‘युवा’, ‘भौरी’ और ‘तत्क्षण’ जैसी फिल्मों में नजर आए। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए उन्होंने अपने अभिनय के अलग-अलग पहलुओं को दर्शकों के सामने रखने की कोशिश की। फिल्म ‘तत्क्षण’ में एक गंभीर पुलिस अधिकारी का किरदार निभाने के बाद अब विक्रांत ‘कजिन ईशा’ में रोमांटिक लीड के रूप में नजर आने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म के साथ वह अपने करियर में एक अलग तरह की भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहे हैं।

अभिनेता से फिल्म निर्माता बनने की तैयारी
विक्रांत के करियर का अगला कदम फिल्म निर्माण है। वह ‘विक्रांत राय फिल्म्स’ के जरिए कैमरे के सामने अभिनय करने के साथ-साथ कैमरे के पीछे भी अपनी रचनात्मक सोच को जगह देना चाहते हैं। फिल्म निर्माण की दिशा में उनका यह कदम अपने करियर को नए अवसर देने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।

फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करने वाले कलाकारों के लिए खुद के प्रोजेक्ट तैयार करना एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है। इससे उन्हें अपनी पसंद की कहानियों और किरदारों को दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिलता है। विक्रांत भी अभिनय के अनुभव को फिल्म निर्माण के साथ जोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं।

‘कजिन ईशा’ से जुड़ा है खास सपना
विक्रांत राय के लिए ‘कजिन ईशा’ उनके सफर का एक खास प्रोजेक्ट है। आजमगढ़ और पूर्वांचल की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म छोटे शहर की संगीतमय प्रेम कहानी है। इसकी कहानी और परिवेश विक्रांत के अपने क्षेत्र से जुड़ाव को भी सामने लाते हैं।

फिल्मों में काम करने के साथ अपने प्रोजेक्ट को आकार देने की दिशा में आगे बढ़ना उनके लिए एक नया अनुभव है। इस तरह ‘कजिन ईशा’ उनके अभिनय करियर के साथ-साथ फिल्म निर्माण की यात्रा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बिना फिल्मी विरासत के अपनी पहचान बनाने की कोशिश
विक्रांत राय की कहानी उन युवाओं के संघर्ष की याद दिलाती है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर मुंबई में अपना भविष्य बनाने आते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोगों को पारिवारिक पहचान और संपर्कों का फायदा मिलता है, जबकि कई कलाकारों को अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए लगातार मौके तलाशने पड़ते हैं।

विक्रांत का सफर इसी दूसरी राह की कहानी है। उनके परिवार से मिली मेहनत की सीख और पिता से मिला अनुशासन उनके जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं। अब वह अभिनय से आगे बढ़कर फिल्म निर्माण में भी अपनी जगह तलाश रहे हैं।

उनकी यात्रा अभी जारी है, लेकिन अब तक का सफर यह दिखाता है कि मनोरंजन जगत में आगे बढ़ने के लिए केवल एक सपना देखना ही काफी नहीं, बल्कि उसके लिए लगातार मेहनत करना और नए अवसर तलाशना भी जरूरी है। आजमगढ़ के रौसर गांव से मुंबई तक पहुंचे विक्रांत राय अब अपनी रचनात्मक पहचान को एक नए मुकाम तक ले जाने की कोशिश में जुटे हैं।


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Content Editor

Mansi

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