तापसी पन्नू की ‘अस्सी’: कोर्टरूम ड्रामा जो मनोरंजन के साथ समाज को भी झकझोरती है
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 12:41 PM (IST)
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। तापसी पन्नू की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म अस्सी 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। अनुभव सिन्हा एक बार फिर एक गंभीर सामाजिक मुद्दा लेकर आए हैं। ट्रेलर के बाद से ही फिल्म को सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म की कड़वी सच्चाई को सामने लाती है जिससे हम अक्सर नजरें चुरा लेते हैं। फिल्म के बारे में निर्देशक अनुभव सिन्हा और तापसी पन्नू ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
अनुभव सिन्हा
सवाल: इस फिल्म का विचार आपको कैसे आया आपको क्यों लगा कि ये फिल्म बड़े पर्दे पर आनी चाहिए?
मैंने और गौरव ने मिलकर इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी है और हमे लगा कि इस विषय पर फिल्म बननी चाहिए। यह फिल्म मनोरंजन के साथ एक गंभीर सामाजिक मुद्दे को उठाती है। निर्देशक और कलाकार दोनों का मानना है कि ऐसी फिल्मों का उद्देश्य दर्शकों को सिर्फ कहानी दिखाना नहीं, बल्कि उन्हें सोचने और समस्या का सामना करने के लिए प्रेरित करना है और आप जो फिल्म में मुद्दा उठा रहे हो उसे जस्टिफाई भी करना होता है क्योंकी दर्शक अपने पैसे और समय निकाल कर फिल्म देखने के लिए जाता है।
सवाल: ऐसी गंभीर विषय वाली फिल्म को मनोरंजक और प्रभावशाली बनाना कितना चुनौतीपूर्ण होता है?
चुनौती थी कि हम एक ऐसा फिल्म बनाएं जो मनोरंजक और एंगेजिंग हो, लेकिन अपनी जिम्मेदारी भी निभाए। यह एक इवेस्टिगेटिव थ्रिलर और कोर्टरूम ड्रामा है, जिसे दर्शक जल्दी पकड़ लें और फिल्म का इम्पैक्ट नॉर्मलाइजेशन ना करे।
सवाल: एक्टिंग प्रोसेस में आप कैसे निर्देश देते हैं?
मैं एक्टर्स को उस इमोशनल पॉइंट तक ले जाता हूं, बताता हूं कि यह सीन स्क्रिप्ट और फिल्म के लिए क्या डिलीवर करता है। उसके बाद उनका काम है। मैं कह सकता हूं हां या ना। उदाहरण के लिए, अगर मैं तापसी से कुछ बताऊं, तो वह बहुत ध्यान से सुनती हैं, शायद कुछ सवाल पूछेंगी और फिर समझ जाएंगी कि मैं क्या चाह रहा हूं। इसके बाद यह उनका काम है कि वे इसे अपने अंदाज़ में करें।
सवाल: दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को आप कैसे देखते हैं?
भारत विविध विचारों वाला देश है, इसलिए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक हैं। हमने फिल्म को जितना संभव हो उतना प्रभावशाली और आकर्षक बनाने की कोशिश की है। शुरुआती दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है।
सवाल: क्या ऐसी फिल्में दर्शकों को असहज करती हैं?
असहजता जरूरी है, क्योंकि वही आपको समस्या का सामना करने के लिए प्रेरित करती है। जब आप समस्या को आंखों में देखकर स्वीकार करते हैं, तभी बदलाव संभव होता है।
तापसी पन्नू
सवाल: अस्सी को लेकर आपको सबसे ज्यादा क्या उत्साहित करता है?
मुझे लगता है कि अस्सी वहां शुरु होती है जहां पिंक का अंत था। फिल्म का विषय सबसे बड़ा आकर्षण है। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करती है। एक अभिनेता के रूप में स्क्रिप्ट और उसका चुनौतीपूर्ण किरदार मुझे उत्साहित करता है। इस फिल्म के लिए मन में भावना यह है कि जब आप लड़ते हैं, तो आप जीतते हैं। बस आपको लड़ना शुरू करना होता है।
सवाल: इस फिल्म में अभिनेत्री के तौर पर सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
इस बार मैं पीड़ित के किरदार में नहीं हूं, बल्कि अलग दृष्टिकोण से कहानी का हिस्सा हूं। यही मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। क्योंकि अगर मैं पीड़िता का किरदार निभाती और उस इमोशन को दर्शकों तक लाती तो वो शायद मेरे लिए थोड़ा आसान होता। लेकिन इस बार में पीड़िता के लिए आवाज उठा रही हूं उसे रिप्रेजंट कर रही हूं।
सवाल: इस फिल्म के बाद क्या आपके भीतर कुछ बदला है?
ऐसे विषय हमेशा आपको सोचने पर मजबूर करते हैं। संवेदनशीलता पहले से थी, लेकिन हर बार ऐसे मुद्दों पर काम करने से समझ और गहरी होती है। मैं एक लड़की हूं मैं खुद इस कहानी से रिलेट कर पाती हूं। इस विषय की सवेंदनशीलता को समझ सकती हूं।
