केदारनाथ में पूजा करना Sara Ali Khan को पड़ा भारी, फतवे के बाद के बाद अब संत ने सुनाई दो टूक, बोलें- हिंदू मंदिर पर्यटन स्थल नहीं, तीर्थ स्थल हैं
punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 03:52 PM (IST)
Sara Ali Khan Kedarnath Visit : अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा को लेकर हुए विवाद पर अपनी राय रखी। मीडिया से बात करते हुए, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने मंदिरों को तीर्थ स्थल बताया, न कि पर्यटन स्थल। स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, "यह मामला मौलानाओं का है और उन्हें अपनी बहनों और बेटियों को रोकना चाहिए। हमने साफ कहा है कि अगर इस्लाम को लगता है कि हमारे डांडिया रास में मुस्लिम लड़कों को शामिल होना चाहिए, तो सिर्फ लड़के ही क्यों ? उनका पूरा परिवार क्यों नहीं शामिल होता ? उनकी बेटियां क्यों नहीं शामिल होतीं ? अगर बेटियां शामिल होती हैं, तो फिर बात समझ में आती है।
उन्होंने आगे कहा, "जहां तक सारा अली खान की बात है, तो चेन्नई हाई कोर्ट ने अभी तीन दिन पहले ही फैसला सुनाया है कि हिंदू मंदिर पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि तीर्थ स्थल हैं। स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, "अगर आपकी आस्था है, तो आप जा सकते हैं लेकिन आपको वह आस्था दिखानी होगी। हम सभी इस फैसले का स्वागत करते हैं।

बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के हाल ही में उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी, जो 'ऑल इंडिया मुस्लिम जमात' के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं ने एक फतवा जारी किया है। इसमें उन्होंने सारा अली खान के मंदिर जाने, प्रार्थना करने और धार्मिक अनुष्ठान करने को इस्लामिक कानून (शरिया) के तहत नाजायज और हराम करार दिया है। मौलाना ने अभिनेत्री से अपील की है कि वे शरिया के नियमों का उल्लंघन करने के लिए अल्लाह से माफी (तौबा) मांगें।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा, "मुझे जानकारी मिली है और कई युवा मुसलमानों ने भी मुझसे अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने और प्रार्थना करने के बारे में पूछा है। क्या शरिया के हिसाब से यह जायज है ? क्या शरिया ऐसे कामों की इजाज़त देता है? इस पर मैं इस्लामिक शरिया का नज़रिया और इस मामले में उसका क्या हुक्म है, यह स्पष्ट करना चाहता हूं। उन्होंने आगे कहा, "किसी भी मुसलमान के लिए—चाहे वह पुरुष हो या महिला—किसी दूसरे धर्म की आस्था में शामिल होना, प्रार्थना करना या धार्मिक अनुष्ठान करना शरिया के तहत 'नाजायज़' माना जाता है। ऐसे कामों की इजाजत नहीं है इसलिए, अगर सारा अली खान ने अपनी मर्जी से केदारनाथ मंदिर जाकर प्रार्थना की है और आशीर्वाद मांगा है, तो उन्होंने गुनाह किया है- यह एक हराम काम है।
इससे पहले भी सारा को झेलनी पड़ी है मुसीबत
यह पहली बार नहीं है जब अभिनेत्री को अपनी यात्राओं को लेकर सार्वजनिक बहस का सामना करना पड़ा हो। 2018 में, दक्षिणपंथी समूहों ने उनकी पहली फिल्म 'केदारनाथ' की कहानी को लेकर विरोध किया था, जबकि कट्टरपंथी इस्लामिक हस्तियों ने सोशल मीडिया पर कई बार उनके अलग-अलग धर्मों से जुड़ी प्रथाओं को अपनाने की आलोचना की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपनी हालिया यात्रा के दौरान उन्होंने मुख्य मंदिर और पास के 'भुकुंट भैरव मंदिर' में पूजा और आरती में हिस्सा लिया।
सारा अली खान का वर्कफ्रंट
काम की बात करें तो, सारा को आखिरी बार 'उड़ता तीर' में देखा गया था, जिसमें आयुष्मान खुराना भी नज़र आए थे। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज वाले दिन 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की। उड़ता तीर आकाश ए कौशिक द्वारा निर्देशित एक जासूसी-कॉमेडी फिल्म है, जो उनके निर्देशन की पहली फिल्म है। फिल्म में आयुष्मान खुराना और सारा अली खान मुख्य भूमिकाओं में हैं और इसमें राहुल बोस, राम कपूर, सुहैल नैय्यर, गुलशन ग्रोवर, मुकुल देव, रघुबीर यादव, बृजेंद्र काला, संदीप आनंद, सुप्रिया पिलगांवकर और स्मिता तांबे जैसे कलाकार शामिल हैं।
