Raja Shivaji Review : शिवाजी महाराज की वीरगाथा को शानदार तरीके से जीवंत करती है ये दमदार फिल्म
punjabkesari.in Friday, May 01, 2026 - 03:10 PM (IST)
फिल्म- राजा शिवाजी (Raja Shivaji)
स्टारकास्ट- जेनेलिया देशमुख (Genelia Deshmukh), विघा बालन (Vidya Balan), रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh), संजय दत्त (Sanjay Dutt), अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan), महेश मांजरेकर (Mahesh Manjrekar), सलमान खान (Salman khan), सचिन खेडेकर (Sachin Khedekar), भाग्यश्री(Bhagyashree), फरदीन ख़ान (Fardeen Khan), जितेंद्र जोशी (Jitendra Joshi), अमोल गुप्ते (Amol Gupte) ,
डायरेक्टर- रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh)
रेटिंग- 3.5*
Raja Shivaji Review : 'राजा शिवाजी' एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म है, जो मराठा साम्राज्य के महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और वीरता को दिखाती है। यह फिल्म न केवल इतिहास को जीवंत बनाने की कोशिश है, बल्कि दर्शकों को देशभक्ति और साहस की भावना से भी भरती है।
कहानी
फिल्म की कहानी शिवाजी के बचपन से शुरू होती है, जहां उनकी माता जीजाबाई उन्हें आदर्श, धर्म और स्वराज का महत्व सिखाती हैं। बचपन से ही शिवाजी में ने वीर और साहसी राजा दिखाई देते हैं। आगे चलकर वे मुगल और आदिलशाही ताकतों के खिलाफ संघर्ष करते हुए एक स्वतंत्र मराठा साम्राज्य की स्थापना करते हैं। फिल्म में उनके कौशल, युद्धनीति और जनता के प्रति उनके प्रेम को विस्तार से दिखाया गया है।

अभिनय
अभिनय की बात करें तो रितेश देशमुख ने शिवाजी के किरदार को पूरे समर्पण के साथ निभाया है। उनके संवाद, बॉडी लैंग्वेज और हाव भाव प्रभावशाली हैं। खासकर युद्ध के सीन शानदार है, जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। जीजाबाई के किरदार में भाग्य श्री ने भी शानदार काम किया है, जो एक प्रेरणादायक मां की छवि को बखूबी प्रस्तुत करती हैं। इसके अलावा संजय दत्त, अफजल खान के किरदार में जबरदस्त लगे हैं वहीं विघा बालन ने भी अपने किरदार में चार चांद लगा दिए हैं।

निर्देशन
फिल्म का निर्देशक वाकई काबिले तारीफ है। ऐतिहासिक तथ्यों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी धीमी हो जाती है, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म दर्शकों की रुचि बनाए रखती है। युद्ध के दृश्य भव्य और अच्छी तरह से फिल्माए गए हैं, जो फिल्म को एक बड़े स्तर का अनुभव देते हैं।

संगीत
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के माहौल को और प्रभावी बनाते हैं। देशभक्ति से भरे गीत और युद्ध के समय का संगीत दर्शकों में उत्साह पैदा करता है। सिनेमैटोग्राफी भी काबिले तारीफ है। किले, पहाड़ और युद्ध के दृश्य बहुत सुंदर दिखाए गए हैं। हालांकि, कुछ ऐतिहासिक तथ्यों में नाटकीयता जोड़ने के कारण इतिहास प्रेमियों को थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। कमजोर पक्ष की बात करें तो फिल्म की लंबाई थोड़ी अधिक है।

