पटाखों पर ज्ञान देने वालों पर भड़की एक्ट्रेस Pavitra Punia, बोलीं- दिवाली पर अचानक प्रदूषण क्यों याद आ जाता है ?

punjabkesari.in Wednesday, Nov 04, 2026 - 06:28 PM (IST)

Pavitra Punia on diwali : अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने की आलोचना करने वालों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। अभिनेत्री ने सवाल किया कि आखिर दिवाली को ही क्यों निशाना बनाया जाता है, जबकि अन्य मौकों पर भी तेज आवाज वाले जश्न मनाए जाते हैं? उन्होंने यह भी बताया कि कुत्ते और अन्य जानवर सिर्फ पटाखों से ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक के हॉर्न और किसी चीज के गिरने जैसी अन्य तेज आवाज़ों से भी डरते हैं।

एक वीडियो संदेश में, पवित्रा ने खुद को जानवरों का प्रेमी बताया और कहा कि उनके अपने कुत्ते भी ट्रैफ़िक के शोर और अचानक आने वाली तेज आवाज़ों से उतने ही डरते हैं।

उन्होंने इस तर्क पर सवाल उठाया कि पालतू जानवरों को परेशानी सिर्फ पटाखों की वजह से होती है। उन्होंने कहा, "मैं जानवरों से प्यार करती हूं। मेरे कुत्ते भी उतने ही डरते हैं। वे ट्रैफ़िक के शोर, बाहर बजने वाले हॉर्न या किसी चीज के गिरने की आवाज से भी डर जाते हैं इसलिए, पालतू जानवरों की समस्या यह नहीं है कि वे सिर्फ पटाखों से डरते हैं; वे किसी भी तेज़ और भारी आवाज से डरते हैं। पवित्रा ने उन लोगों की भी निंदा की जो त्योहारों के दौरान जानबूझकर जानवरों को परेशान करते हैं, और कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, "अगर ऐसे कुछ लोग हैं जो जानबूझकर कुत्तों को परेशान करते हैं, तो वे बेहद मूर्ख हैं। वे बस यही सोचते रहते हैं कि दूसरों को कैसे परेशान किया जाए। ऐसे लोगों को पकड़ो, उनकी पिटाई करो और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करो। पवित्रा ने इस दोहरे मापदंड पर सवाल उठाया कि दिवाली पर पटाखे फोड़ने को लेकर अक्सर आलोचना की जाती है, जबकि शादियों या सालगिरह जैसे अन्य मौकों पर ऐसा कोई विरोध नहीं होता।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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उन्होंने कहा, "क्या हम किसी की शादी की सालगिरह पर ऐसा कहते हैं ? जरा हमारा लॉजिक तो बताइए! जब लोग शादी करते हैं, तो कोई यह क्यों नहीं कहता कि 'पटाखे मत फोड़ो' या 'अपनी खुशियां मत मनाओ '? जब उनके अपने घरों में शादी का सीज़न शुरू होता है, तो कोई कुछ नहीं कहता। तब सब लोग अपनी दी हुई नसीहतें भूल जाते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह देखकर बुरा लगता है कि जब हिंदू समुदाय के लोगों को अपने त्योहार मनाने को लेकर बचाव की मुद्रा में आना पड़ता है।

उन्होंने कहा, "अपनी चीज़ों के प्रति पक्षपाती न बनें और न ही दूसरों के खिलाफ रहें। त्योहार साल में एक-दो बार आते हैं। इन्हें अच्छे से मनाएं। बहुत सावधानी बरतें। किसी जानवर या पक्षी को नुकसान न पहुंचाएं। बस अपनी सीमाओं में रहकर त्योहार मनाएं। हमारी वजह से किसी जानवर को परेशानी नहीं होनी चाहिए। आप सभी को दिवाली की शुभकामनाएं ! पटाखों पर चल रही बहस के अलावा, पवित्रा ने दिवाली पर की जाने वाली बड़े पैमाने की सफाई की परंपरा पर भी सवाल उठाया। वीडियो के एक हल्के-फुल्के हिस्से में, उन्होंने पूछा कि लोग पूरे साल अपने घरों को साफ रखने के बजाय, त्योहार से ठीक पहले उन्हें साफ करने में इतनी मेहनत क्यों करते हैं।

उन्होंने कहा, "दिवाली पर जो सफाई की जाती है, मैं जानना चाहती हूं कि यह कैसा नियम है ? साल में सिर्फ एक बार ही सफाई क्यों होती है ? मतलब, ऐसा होता है कि हम पूरे साल घर की सफाई नहीं करते, और फिर एक दिन सब साफ करके लक्ष्मी माता को खुश करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आगे मजाक में पूछा, "रामायण में ऐसा कहां लिखा है कि आपको घर की सफाई करनी ही है?  यह सवाल माताओं के लिए है। 

पवित्रा ने कहा कि लोगों को त्योहार से ठीक पहले घर की सफाई को एक थकाऊ काम बनाने के बजाय, पूरे साल अपने घरों को साफ रखने की कोशिश करनी चा


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Content Editor

Prachi Sharma

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