Hanuman Ansh Review: भक्ति और सेवा की भावनात्मक कहानी, सादगी से दिल छूती है फिल्म
punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 06:08 PM (IST)
फिल्म: हनुमान अंश (Hanuman Ansh)
कलाकार: शोभिनाव सत्य (Shobhinaw Satyaa),रागिनी एस. (Ragini S.),नम्रता सिंह (Namrata Singh),अनुप्रिया ए. नागर (Anupriya A. Nagar)
निर्देशक: विशाल चतुर्वेदी (Vishal Chaturvedi)
रेटिंग: 3.5*
Hanuman Ansh:आस्था और अध्यात्म पर फिल्म बनाना आसान काम नहीं है। कहानी में श्रद्धा का भाव भी बरकरार रखना होता है और उसे सिनेमाई अंदाज में दर्शकों तक भी पहुंचाना होता है। हनुमान अंश इस संतुलन को साधने की कोशिश करती है। लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की यह फिल्म भव्यता और चमत्कार दिखाने के बजाय भावनाओं, भक्ति और इंसानियत पर ज्यादा ध्यान देती है।
नीम करोली बाबा के जीवन और विचारों से प्रेरित यह फिल्म सिर्फ एक बायोपिक के तौर पर सामने नहीं आती, बल्कि राम नाम, हनुमान भक्ति, सेवा, करुणा और समर्पण की यात्रा को दिखाती है। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है, जो कई जगह सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंचती है।
कहानी
फिल्म की कहानी एक व्यक्तिगत पीड़ा से शुरू होती है और धीरे-धीरे आध्यात्मिकता की ओर बढ़ती है। कहानी आगे बढ़ने के साथ राम नाम, हनुमान भक्ति और सेवा का महत्व सामने आता है। फिल्म यह बताने की कोशिश करती है कि सच्ची भक्ति सिर्फ पूजा या धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद की मदद और दूसरों की पीड़ा को समझने में भी दिखाई देती है।

नीम करोली बाबा से जुड़ी कुछ चर्चित घटनाओं को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है। नीम करोली बाबा रेलवे प्रसंग जैसे हिस्से उन दर्शकों से जुड़ते हैं, जो बाबा की कथाओं से पहले से परिचित हैं। वहीं नए दर्शकों के लिए ये प्रसंग उनके व्यक्तित्व और आध्यात्मिक यात्रा को समझने का जरिया बनते हैं।
निर्देशन
विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म के निर्देशन में संयम बनाए रखने की कोशिश की है। उन्होंने आध्यात्मिक दृश्यों को जरूरत से ज्यादा भव्य बनाने के बजाय उन्हें सहज और मानवीय रखने पर जोर दिया है।
फिल्म में भोजन कराना, किसी की मदद करना, पीड़ा को समझना और राम का स्मरण करने जैसे छोटे-छोटे प्रसंगों के जरिए भक्ति का अर्थ समझाया गया है। यही तरीका फिल्म को केवल धार्मिक दर्शकों तक सीमित नहीं रहने देता।
कहानी की गति कुछ जगह धीमी महसूस हो सकती है, लेकिन फिल्म के विषय और उसके भावनात्मक ट्रीटमेंट को देखते हुए यह ठहराव कई दृश्यों में कहानी के अनुरूप भी लगता है।
एक्टिंग
Shobhinaw Satyaa के सामने इस भूमिका को निभाने की बड़ी चुनौती थी, क्योंकि उनका किरदार ऐसे आध्यात्मिक व्यक्तित्व से प्रेरित है जिनके प्रति बड़ी संख्या में लोगों की गहरी श्रद्धा है। उन्होंने किरदार को ओवरड्रामैटिक बनाने के बजाय सहज रखने की कोशिश की है।
उनके हाव-भाव, शांत अंदाज और कई दृश्यों में बिना ज्यादा संवाद के भाव व्यक्त करने की क्षमता प्रभावित करती है। उनके आसपास मौजूद किरदारों की प्रतिक्रियाएं भी कई बार कहानी के भाव को और मजबूत करती हैं।
क्या फिल्म देखनी चाहिए?
Hanuman Ansh उन दर्शकों को पसंद आ सकती है जिन्हें आध्यात्मिक और भावनात्मक कहानियां पसंद हैं। फिल्म चमत्कारों की चमक-दमक से ज्यादा भक्ति, सेवा और इंसानियत के भाव पर भरोसा करती है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
अगर आप नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रसंगों में रुचि रखते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए खास अनुभव हो सकती है।
