Movie Review: ''भाई तेरा स्टार है'' हंसाने में चूक गई, कमजोर कहानी ने बिगाड़ा खेल
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 11:42 AM (IST)
फिल्म: भाई तेरा स्टार है (Bhai Tera Star Hai)
कलाकार: राघव जुयाल (Raghav Juyal), संजय कपूर (Sanjay Kapoor), निकी वालिया (Nikki Walia) , निहारिका एनएम (Niharika NM), बरखा सिंह (Barkha Singh)
निर्देशक: विवेक बी. अग्रवाल (Vivek B. Agrawal)
रेटिंग: 2 स्टार
Bhai Tera Star Hai: डांसर और एक्टर राघव जुयाल अपनी पहली लीड हीरो फिल्म भाई तेरा स्टार है लेकर सिनेमाघरों में दस्तक दे चुके हैं। फिल्म को लेकर राघव ने कहा था यह एक फ्रेश कॉमेडी है। लेकिन फिल्म अपनी कहानी और प्रस्तुति से उस उम्मीद पर खरी नहीं उतरती। आज के दौर में दर्शक मजबूत कंटेंट की तलाश में रहते हैं, ऐसे में यह फिल्म मनोरंजन देने की कोशिश तो करती है लेकिन उसमें दम नहीं है आइए जानते हैं कैसी है फिल्म भाई तेरा स्टार है।
कहानी
फिल्म की कहानी लंदन में रहने वाले संघर्षरत अभिनेता अजय सिंह (राघव जुयाल) के इर्द-गिर्द घूमती है। क्रिकेट पर लगाई गई एक शर्त हारने के बाद वह क्लब मालिक फैटी (संजय कपूर) का दस हजार पाउंड का कर्जदार बन जाता है। रकम चुकाने के लिए उसके पास सिर्फ एक रात का समय है। मुश्किल से निकलने के लिए अजय सच का सहारा लेने की बजाय लगातार झूठ बोलता जाता है और यही झूठ उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एन एम), बहन नताशा (पार्वती ओमनाकुट्टन) और रोशनी के भाई सिड (विवान भटेना) को भी उलझनों में डाल देता है। इसके बाद घटनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं, लेकिन कहानी दर्शकों को पूरी तरह बांध नहीं पाती।

निर्देशन
विवेक बी. अग्रवाल ने फिल्म को तेज रफ्तार और अलग अंदाज देने की कोशिश की है, लेकिन यह प्रयोग असरदार साबित नहीं होता। कई जगह ऐसा लगता है कि शोर, तेज संवाद और बार-बार आने वाले एनिमेटेड ग्राफिक्स के जरिए जबरदस्ती हंसी पैदा करने का प्रयास किया गया है। स्क्रीन पर लिखे जाने वाले डायलॉग भी कहानी का हिस्सा कम और अतिरिक्त सजावट ज्यादा लगते हैं। पटकथा में कसाव की कमी साफ दिखाई देती है और कई दृश्य बिना किसी मजबूत जुड़ाव के आगे बढ़ते रहते हैं।
अभिनय
राघव जुयाल अपने किरदार में भरपूर ऊर्जा लेकर आते हैं, लेकिन कई दृश्यों में उनका अभिनय जरूरत से ज्यादा ऊंचे स्तर पर चला जाता है, जिससे कॉमिक असर कमजोर पड़ता है। विवान भटेना ने सिड के रोल को सहजता से निभाया है और उनका प्रदर्शन संतुलित लगता है। संजय कपूर फैटी के किरदार में कुछ अच्छे हास्य क्षण लेकर आते हैं। निहारिका एन एम अपनी भूमिका में ठीक-ठाक प्रभाव छोड़ती हैं, जबकि बरखा सिंह ने सीमित स्क्रीन स्पेस में भी अच्छा काम किया है। पार्वती ओमनाकुट्टन, टीना देसाई, विकल्प मेहता, चंदन रॉय सान्याल और निकी वालिया ने भी अपने-अपने किरदारों को ईमानदारी से निभाने की कोशिश की है।
फाइनल रिव्यू
'भाई तेरा स्टार है' में कलाकारों की मेहनत दिखाई देती है, लेकिन कमजोर कहानी, बिखरी हुई पटकथा और प्रभावहीन कॉमेडी फिल्म को यादगार बनने से रोक देती है। अगर आप सिर्फ हल्के-फुल्के मनोरंजन की उम्मीद लेकर जा रहे हैं तो फिल्म कुछ पल मुस्कुराने का मौका देती है, लेकिन एक मजबूत कॉमेडी के रूप में यह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाती।
