‘Vvaan’ की सफलता से भावुक हुए TVF फाउंडर अरुणाभ कुमार, 20 साल किया संघर्ष
punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 04:51 PM (IST)
TVF के संस्थापक अरुणाभ कुमार इन दिनों अपनी पहली थिएट्रिकल फिल्म ‘Vvaan’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को खासतौर पर मास बेल्ट में दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। वहीं, दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर फिल्म 100 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन के करीब पहुंच रही है। इस खास मौके पर अरुणाभ कुमार ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अपने 20 साल के संघर्ष को याद किया है। उन्होंने बताया कि फिल्ममेकर बनने का उनका सपना पूरा होने में करीब दो दशक लग गए।
2006 में मुंबई आए थे अरुणाभ कुमार
बहुत कम लोग जानते हैं कि TVF की शुरुआत से पहले अरुणाभ कुमार ने फिल्ममेकर बनने के लिए लंबा संघर्ष किया था। वह साल 2006 में मुंबई आए थे और अगले छह साल तक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करते रहे। इस दौरान उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ एडवरटाइजिंग और टेलीविजन की दुनिया में भी कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। वह बतौर स्टोरीटेलर अपनी पहचान बनाना चाहते थे, लेकिन लगातार मिल रही असफलताओं ने उन्हें निराश कर दिया। साल 2012 तक उनकी स्थिति ऐसी हो गई थी कि उन्हें अपने अगले खाने तक की चिंता सताने लगी थी। आखिरकार उन्होंने फिल्म बनाने का सपना कुछ समय के लिए छोड़कर TVF की शुरुआत की।
एकता कपूर के सपोर्ट से पूरा हुआ सपना
करीब 20 साल बाद अरुणाभ कुमार का फिल्ममेकर बनने का सपना आखिरकार बड़े पर्दे पर साकार हुआ है। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्होंने फिल्म बनाने का विचार लगभग छोड़ दिया था। लेकिन निर्माता एकता कपूर के भरोसे, मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें दोबारा इस दिशा में आगे बढ़ने की हिम्मत दी। अरुणाभ ने फिल्म के निर्देशक और अपने लंबे समय के सहयोगी दीपक मिश्रा का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनकी कहानी को बड़े पर्दे पर उतारा। इसके अलावा उन्होंने फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू के योगदान के लिए आभार जताया।
अरुणाभ कुमार ने शेयर किया भावुक पोस्ट
अरुणाभ कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए लिखा, “व्यक्तिगत विचार और पेशेवर आभार। हमारी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर प्रतीकात्मक रूप से 100 करोड़ ग्रॉस के आंकड़े तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। ऐसे में मैं छठी मैया से आशीर्वाद की प्रार्थना करना चाहता हूं और मां वन देवी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने इस सफर को पूरा करने में मेरा साथ दिया। फिल्म की शुरुआत से लेकर इसके निर्माण में शामिल हर एक व्यक्ति का मैं दिल से आभारी हूं। उन्होंने आगे अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि साल 2006 में हीरानंदानी के CCD में बैठकर लैपटॉप पर अपनी पहली फिल्म लिखने की कोशिश करने वाला लड़का तभी से इस सपने को देख रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही इस सफर से जुड़ी कुछ और बातें साझा करेंगे।
TVF के लिए भी खास है ‘Vvaan’ की सफलता
‘Vvaan’ की सफलता सिर्फ अरुणाभ कुमार के लिए ही नहीं, बल्कि TVF के सफर के लिए भी खास है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘पंचायत’, ‘कोटा फैक्ट्री’ और ‘गुल्लक’ जैसे चर्चित शोज के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले TVF ने अब थिएट्रिकल सिनेमा की दुनिया में भी कदम रखा है। ऐसे में ‘Vvaan’ को मिल रही प्रतिक्रिया इस प्लेटफॉर्म के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
