UPPSC : प्री परीक्षा में पूछे गए थे पांच गलत सवाल

punjabkesari.in Thursday, Jan 24, 2019 - 01:56 PM (IST)

एजुकेशन डेस्कः लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस तथा एसीएफ-आरएफओ 2018 प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी बुधवार को जारी कर दी। गलत प्रश्नों का सिलसिला पीसीएस 2016 एवं 2017 के साथ 2018 की परीक्षा में भी जारी रहा। हालत यह है कि दोनों प्रश्न पत्रों में पूछे गए पांच प्रश्नों को आयोग के विशेषज्ञों ने ही गलत ठहरा दिया है। विशेषज्ञों ने तीन प्रश्नों के चार में दो-दो उत्तर विकल्प को सही बताया है।

 

आयोग ने पांचों गलत प्रश्नों को हटा दिया है। उत्तर कुंजी पर अभ्यर्थियों से तीस जनवरी की शाम पांच बजे आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियां साक्ष्य के साथ आयोग की ओर से निर्धारित प्रारूप पर दी जानी हैं। पीसीएस तथा एसीएफ एवं आरएफओ प्री 2018 परीक्षा 28 अक्तूबर 2018 को प्रदेश के 29 जिलों में बनाए गए 1381 परीक्षा केंद्रों पर हुई थी। कुल पंजीकृत 635844 परीक्षार्थियों में से 62.42 प्रतिशत परीक्षा में शामिल हुए थे।

 

लगातार तीसरी भर्ती में गलत प्रश्न
पीसीएस की लगातार तीसरी भर्ती में गलत प्रश्न पूछे जाने का मामला सामने आया है। इससे पूर्व पीसीएस 2016 एवं 2017 की प्रारंभिक परीक्षा में गलत प्रश्न का मामला सामने आ चुका है। परीक्षार्थियों की ओर से दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट ने दोनों भर्तियों की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को संशोधित करने के निर्देश दिए थे। यह अलग बात है कि दोनों ही मामलों में आयोग की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर आयोग को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई थी। प्रश्नों के विवाद की वजह से ही पीसीएस 2016 की चयन प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है जबकि पीसीएस 2017 की मुख्य परीक्षा कराने में भी प्रश्नों के विवाद की वजह से देरी हुई थी।

 

924 पदों पर किया जाना है चयन
पीसीएस तथा एसीएफ एवं आरएफओ प्री परीक्षा 2018 में 924 पद घोषित किए गए हैं। इनमें से 832 डिप्टी कलेक्टर एवं डिप्टी एसपी समेत पीसीएस संवर्ग के अन्य पद हैं। एसीएफ के 16 और आरएफओ के 76 पद घोषित किए गए हैं।

 

परीक्षा बाद ही प्रश्नों पर उठे थे सवाल
28 अक्तूबर को पीसीएस तथा एसीएफ-आरएफओ प्री 2018 परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रतियोगी छात्रों ने सामान्य अध्ययन (जीएस) प्रथम प्रश्न पत्र के दो प्रश्नों को गलत बताया था। इनमें से एक प्रश्न था कि भारत द्वारा महिला एवं बाल विकास के लिए स्वतंत्र मंत्रालय कब स्थापित किया गया? उत्तर विकल्प में 1985, 1986, 1987 और 1988 दिया गया था। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट के हवाले के प्रतियोगी छात्रों का कहना था कि स्वतंत्र मंत्रालय की स्थापना 30 जनवरी 2006 को हुई थी। 1985 से 2006 तक यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत था। उत्तर के चारों विकल्पों में 2006 नहीं है। दूसरे प्रश्न में चार कथन देकर पूछा गया था कि इनमें से कौन से कथन सही हैं। हिन्दी के प्रश्न में लिखा था कि भारत आपदा युक्त देश है जबकि अंग्रेजी वर्जन में आपदा मुक्त यानी इंडिया इज ए डिजास्टर फ्री कंट्री लिखा था। परीक्षार्थियों का कहना था कि इस गलती की वजह से इस प्रश्न के उत्तर में दिए गए चार विकल्प भी प्रभावित हो रहे हैं।


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Sonia Goswami

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