दूसरे विवि. के छात्र भी IIT  में अपने आइडिया पर कर सकेंगे काम

10/7/2019 10:47:36 AM

नई दिल्ली (पुष्पेंद्र मिश्र): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अनिल वाली ने बताया कि आईआईटी का माहौल ऐसा बनाया गया है जो छात्रों को नया सोचने पर विवश करे। उन्होंने कहा कि आईआईटी में इन्कूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है। 

आइडिया पर काम कर रहे छात्रों को फाइनेंशियल सपोर्ट भी दिया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आईआईटी में दूसरे विवि. में अध्ययन कर रहे छात्र भी अपना आइडिया पर काम शुरू कर सकते हैं। इसके लिए छात्र को पहले अपना आइडिया शेयर करना होगा। बेहतर आइडिया चुनकर स्क्रीङ्क्षनग कमेटी के सामने जाएंगे। 

आइडिया में दम होने पर उसका बिजनेस प्लान पूछा जाएगा। जिसके बाद फंडिंग के लायक आइडिया को फंड किया जाएगा। जितने भी तकनीकि क्षेत्र हैं चाहे हेल्थ हो, इंजीनियरिंग हो या फिर बॉयोटेक्नोलॉजी हो। हम ऐसे छात्रों को स्टार्टअप के लिए आमंत्रित करते हैं। 

प्रदूषण पर काम कर रहा है आईआईटी
उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली ने स्टार्टअप पर लम्बा काम किया है। अब तक 30 से अधिक स्टार्टअप के पेटेंट भी लिए जा चुके हैं। आईआईटी दिल्ली में प्रदूषण के स्टार्टअप कल्चर के बारे में उन्होंने कहा कि यहां छात्र वायु प्रदूषण पर लगातार काम कर रहे हैं नैसो फिल्टर, विंडो नेट, एसी में लगने वाला उपकरण आदि विकसित हो चुके हैं। 

यहां हाल ही में एरोग्राम ने एक ऐसी डिवाइस विकसित की है जो प्रदूषण के स्तर का दिल्ली की विभिन्न जगहों में अध्ययन करेगी। इसे बसों की छतों पर लगा दिया जाएगा। इसके अलावा 2-3 और कंपनी भी प्रदूषण पर काम कर रही हैं। प्लास्टिक के इस्तेमाल पर डॉ. वाली ने बताया कि हमने प्लास्टिक से बनी पानी की बोतलें, पन्नी (थैलियां) इस्तेमाल करना बंद कर दी हैं। विवि. सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त हो रहा है। 


Author

Riya bawa

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