Vrishchik Rashifal 4  April : 4 अप्रैल को वृश्चिक राशि पर शनि देव की तिरछी नजर या आशीर्वाद ? जानिए बचने के उपाय

punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 02:50 AM (IST)

Vrishchik Rashifal 4  April : वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 2026 का वर्ष बदलावों भरा है। 4 अप्रैल को शनि देव आपकी राशि से पंचम भाव (मीन राशि) में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृश्चिक राशि पर वर्तमान में शनि की 'ढैय्या' या 'साढ़ेसाती' का सीधा प्रभाव नहीं है, लेकिन शनि की तीसरी नीच दृष्टि या विशेष गोचर स्थिति आपके जीवन के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। तो आइए जानते हैं कि 4 अप्रैल को शनि देव आपके लिए 'बाधा' बनेंगे या 'वरदान'।

क्या है शनि देव का प्रभाव? 
4 अप्रैल को शनि देव अस्त अवस्था से बाहर आकर धीरे-धीरे अपनी शक्ति संचित कर रहे हैं। वृश्चिक राशि वालों के लिए इसके दो पहलू हैं। शनि की दृष्टि आपके सप्तम (साझेदारी) और एकादश (लाभ) भाव पर पड़ सकती है। इसका मतलब है कि व्यापारिक रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है या लाभ मिलते-मिलते रुक सकता है। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी (खासकर स्वास्थ्य या यात्रा पर) आपको परेशान कर सकती है। शनि देव केवल दंड नहीं देते, वे कर्मफल दाता हैं। यदि आपने पिछले समय में ईमानदारी से मेहनत की है, तो 4 अप्रैल को शनि देव आपको Stability प्रदान करेंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता परिपक्व होगी।

करियर और धन
कार्यक्षेत्र: ऑफिस में आपके काम को बारीकी से परखा जाएगा। शनि देव की उपस्थिति का मतलब है- शॉर्टकट से बचें। यदि आप अपनी जिम्मेदारी से भागेंगे, तो बॉस की 'तिरछी नजर' आप पर पड़ सकती है। धन के मामले में 4 अप्रैल 'मिक्स' रहने वाला है। निवेश करने के लिए दिन शुभ नहीं है। किसी को उधार देने से बचें, क्योंकि वह पैसा शनि की चाल के कारण लंबे समय तक फंस सकता है।

व्यक्तिगत जीवन और रिश्ते
4 अप्रैल को पारिवारिक मोर्चे पर थोड़ा तनाव दिख रहा है। शनि के प्रभाव से घर के बुजुर्गों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। छोटे भाई-बहनों की कोई बात आपको चुभ सकती है। पार्टनर के साथ टोन और टाइमिंग का ध्यान रखें। आपकी एक तीखी प्रतिक्रिया बने-बनाए माहौल को बिगाड़ सकती है। शनि देव यहां आपकी धैर्य की परीक्षा लेंगे।

सेहत
वृश्चिक राशि के जातकों को 4 अप्रैल को अपनी सेहत के प्रति बहुत सावधान रहना चाहिए। जोड़ों का दर्द, गैस/एसिडिटी या पैरों में चोट लगने की आशंका है। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें। शनि देव 'धीमी गति' के कारक हैं, इसलिए जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है।

शनि के कोप से बचने के अचूक उपाय 
सरसों के तेल का दीपक: शनिवार (या इस दिन) शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। इसमें थोड़े काले तिल जरूर डालें।

शनि चालीसा का पाठ: सूर्यास्त के बाद शांत मन से शनि चालीसा का पाठ करें। इससे शनि देव की नकारात्मक दृष्टि शांत होती है।

छाया दान: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या मंदिर में रख आएं।

काली वस्तुओं का दान: काले कंबल, काली उड़द की दाल या लोहे की वस्तु का दान करना आपके लिए कवच का काम करेगा।

मंत्र जाप: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करें।

4 अप्रैल के लिए विशेष सावधानी 
वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का मूल मंत्र है- "प्रतिक्रिया देने से पहले सोचें।" शनि देव आपको शांत रहने की सलाह दे रहे हैं। यदि कोई आपको उकसाने की कोशिश करे, तो मौन रहें। आपकी चुप्पी ही आज आपकी सबसे बड़ी जीत होगी।

आज का शुभ अंक और शुभ रंग
शुभ अंक: 7, 9 और 18।
शुभ रंग: गहरा नीला और काला (सिर्फ शाम के समय)।

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Content Editor

Sarita Thapa

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