Vastu Tips for Stilt House: स्टिल्ट हाउस बना रहे हैं? जानें वास्तु अनुसार मुख्य द्वार, ढलान और पहाड़ी से जुड़े जरूरी नियम
punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 09:57 AM (IST)
Vastu Tips for Stilt House: कई स्थानों पर आधुनिक इंजीनियरिंग के कारण पिलर (स्तंभ) के ऊपर घर का निर्माण किया जाता है, जिसे सामान्य भाषा में ‘स्टिल्ट हाउस’ या पिलर पर आधारित संरचना कहा जाता है। पारंपरिक रूप से ऐसे घर अक्सर बाढ़ संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों या आधुनिक शहरों में पार्किंग की सुविधा के लिए भी बनाए जा रहे हैं।

वास्तु के संदर्भ में इस प्रकार के घरों के निर्माण में निम्नलिखित मुख्य बातों का ध्यान रखना आवश्यक है-
ऐसा घर बनाते समय पिल्लर की संख्या का अनुपात कुछ भी हो सकता है। हालांकि, इतने पिल्लर जरूर देना चाहिए ताकि घर की मजबूती बनी रहे। जरूरत होने पर ब्रह्मस्थान में भी पिलर बनाये जा सकते हैं।

ऐसे घरों में वास्तु के जो सामान्य नियम होते हैं उनका पालन करना आवश्यक होता है। जैसे कि घर की एंट्रेंस वास्तुअनुकूल स्थान पर होना जरूरी है जोकि पूर्व में पूर्व ईशान, दक्षिण में दक्षिण आग्नेय, पश्चिम में पश्चिम वायव्य में तथा उत्तर में उत्तर ईशान में होना चाहिए।

ऐसे स्थान पर प्लाॅट का चयन करते समय यह ध्यान रखें कि उत्तर या पूर्व दिशा में पहाड़ी हो तो घर पहाड़ी से जितना दूर बना सकते हैं उतना दूरी पर बनाना चाहिए। प्लाॅट का फ्लोर लेवल समतल कर के ही यहां निर्माण करना चाहिए, क्योंकि यहां की जमीन का ढलान दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर होता है, जोकि शुभ नहीं होता है। इसके विपरीत दक्षिण या पश्चिम दिशा में पहाड़ी हो तो उसके पास घर बनाये जा सकते हैं। यहां प्लाॅट को समतल नहीं भी करेंगे तो चलेगा क्योंकि पहाड़ी से बहने वाले पानी का ढलान प्लाॅट की ओर होगा जोकि पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होगा, जोकि पूर्णतः वास्तुअनुकूल होता है।

वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
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